अजमेर मेयर चुनाव आज: 41 के मैजिक फिगर पर अटका मुकाबला, 11 निर्दलीय तय करेंगे सियासी गणित
अजमेर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज मतदान होगा। 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत का आंकड़ा 41 है, इसलिए कांग्रेस को चार और भाजपा को नौ अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
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अजमेर नगर निगम में मेयर पद का फैसला आज होगा। 80 वार्डों वाले नगर निगम में सुबह 10 बजे से पार्षद मेयर के लिए मतदान करेंगे। मतदान खत्म होने के बाद मतगणना शुरू होगी और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन दोनों दलों के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों के रुख पर मेयर चुनाव का पूरा गणित टिका हुआ है।
कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से चार कदम दूर
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। भाजपा के खाते में 32 सीटें आई हैं, जबकि 11 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 41 है। इस हिसाब से कांग्रेस को बहुमत के लिए चार और भाजपा को नौ पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। दोनों दल बहुमत के आंकड़े से दूर होने के कारण निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अहम हो गया है।
अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल आमने-सामने
मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड तीन की पार्षद अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी सामान्य महिला वर्ग से हैं। किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा की ओर से आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद आपत्ति खारिज कर दी गई और उनका नामांकन वैध माना गया। इसके बाद मेयर पद के लिए दोनों के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया।
11 निर्दलीयों पर टिकी दोनों दलों की नजर
अजमेर में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बहुमत से दूर हैं। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कांग्रेस की ओर से पांच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया गया है। भाजपा ने भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर अपनी रणनीति बनाई है। मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। अब निगाहें मतदान पर हैं। निर्दलीय पार्षद किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते हैं, इससे मेयर चुनाव का परिणाम तय होगा। 21 सितंबर को होने वाले मतदान के बाद साफ हो जाएगा कि अजमेर नगर निगम की कमान किसके हाथ आती है।