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लिफ्टिंग न होने से नाराज आढ़ती सड़क पर उतरे
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Sat, 03 May 2014 10:00 PM IST
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मंडियों में गेहूं के अंबार लगने से आढ़ती और किसान भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बाघापुराना मंडी में गेहूं के अंबार और बारदाने की कमी से नाराज आढ़तियों ने शहर में काली झंडियों के साथ रोष मार्च निकाला।
इसके बाद मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने रोष धरने किया और फिर मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर चार घंटे जाम लगाकर नारेबाजी की। इस मौके पर मजदूरों ने भी गेहूं की कटौती का बोझ उन पर डालने के विरोध में आढ़तियों के साथ रोष धरने में शमूलियत की। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (विकास) अजमेर सिंह के मौके पर पहुंचकर न्याय का भरोसा देने पर आढ़तियों ने मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर जाम समाप्त किया।
इस मौके पर आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान और राज्य उप प्रधान अमरजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में मार्केट कमेटी के अलावा नायब तहसीलदार गुरमेल सिंह के साथ मीटिंग कर लिफ्टिंग व बारदाने की समस्या पर विचार-विमर्श किया। इस मौके पर आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडियों में लिफ्टिंग न होने के कारण गेहूं सड़कों पर रुल रहा है और बारदाना भी नहीं मिल रहा।
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उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जो बैठक मार्केट कमेटी दफ्तर में हुई थी, उस में सचिव ने कहा था कि गेहूं का पिछले दिनों जो भाव लगा है और गेहूं की तौल की गई है, उसकी कटौती आढ़तियों को देनी पड़ेगी। प्रधान अमरजीत बराड़ और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दर्शन सिंह बराड़ ने कहा कि बारदाने की कमी और लिफ्टिंग न होने के कारण उसका जो वजन कम हुआ है उसकी कटौती आढ़ती बिल्कुल नहीं देंगे।
इस पर आढ़तियों ने साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अधिकारी जितनी देर बिना कटौती गेहूं नहीं उठाते और शुक्रवार को हुई गुंडागर्दी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते, उतनी देर धरना जारी रहेगा। मार्केट कमेटी दफ्तर के आगे लगभग ढाई घंटे धरने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की तो डेढ़ बजे धरना मोगा-कोटकपूरा रोड पर लगाकर ट्रैफिक जाम कर दिया गया।
धरनाकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही एडीसी (विकास) अजमेर सिंह और डीएसपी बलविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और आढ़तियों को उनकी समस्या का हल करने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खोला गया। इस दौरान अमरजीत बराड़ और दर्शन बराड़ ने कहा कि एडीसी ने भरोसा दिलाया है कि तौल किए गए गेहूं के वजन की कोई कटौती नहीं ली जाएगी और गुंडागर्दी च अपशब्द बोलने वाले व्यक्तियों से माफी मंगवाई जाएगी। अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इसके बाद मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने रोष धरने किया और फिर मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर चार घंटे जाम लगाकर नारेबाजी की। इस मौके पर मजदूरों ने भी गेहूं की कटौती का बोझ उन पर डालने के विरोध में आढ़तियों के साथ रोष धरने में शमूलियत की। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (विकास) अजमेर सिंह के मौके पर पहुंचकर न्याय का भरोसा देने पर आढ़तियों ने मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर जाम समाप्त किया।
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इस मौके पर आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान और राज्य उप प्रधान अमरजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में मार्केट कमेटी के अलावा नायब तहसीलदार गुरमेल सिंह के साथ मीटिंग कर लिफ्टिंग व बारदाने की समस्या पर विचार-विमर्श किया। इस मौके पर आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडियों में लिफ्टिंग न होने के कारण गेहूं सड़कों पर रुल रहा है और बारदाना भी नहीं मिल रहा।
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उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जो बैठक मार्केट कमेटी दफ्तर में हुई थी, उस में सचिव ने कहा था कि गेहूं का पिछले दिनों जो भाव लगा है और गेहूं की तौल की गई है, उसकी कटौती आढ़तियों को देनी पड़ेगी। प्रधान अमरजीत बराड़ और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दर्शन सिंह बराड़ ने कहा कि बारदाने की कमी और लिफ्टिंग न होने के कारण उसका जो वजन कम हुआ है उसकी कटौती आढ़ती बिल्कुल नहीं देंगे।
इस पर आढ़तियों ने साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अधिकारी जितनी देर बिना कटौती गेहूं नहीं उठाते और शुक्रवार को हुई गुंडागर्दी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते, उतनी देर धरना जारी रहेगा। मार्केट कमेटी दफ्तर के आगे लगभग ढाई घंटे धरने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की तो डेढ़ बजे धरना मोगा-कोटकपूरा रोड पर लगाकर ट्रैफिक जाम कर दिया गया।
धरनाकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही एडीसी (विकास) अजमेर सिंह और डीएसपी बलविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और आढ़तियों को उनकी समस्या का हल करने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खोला गया। इस दौरान अमरजीत बराड़ और दर्शन बराड़ ने कहा कि एडीसी ने भरोसा दिलाया है कि तौल किए गए गेहूं के वजन की कोई कटौती नहीं ली जाएगी और गुंडागर्दी च अपशब्द बोलने वाले व्यक्तियों से माफी मंगवाई जाएगी। अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।