Punjab Weather Update: लुधियाना में आंधी-बरसात से राहत, बिजली गुल होने से बढ़ी मुसीबत
बरसात के बाद लुधियाना के कई इलाकों में 12 घंटे बाद बिजली आ सकी, इससे लोग परेशान रहे। तेज बारिश की वजह से बिजली ठीक करने में मुलाजिमों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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पंजाब में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल गई है। लुधियाना में गुरुवार देर रात चली तेज आंधी के बाद प्री-मानसून की पहली बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं। गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार भी चलती रही, इससे सड़कों पर जहां दो से तीन फुट तक पानी भर गया। वहीं आंधी की वजह से सड़क किनारे लगे पेड़ बिजली की तारों पर गिर गए। इससे शहर नौ घंटे से अधिक समय अंधेरे में डूबा रहा।
शहर के दुगरी, आत्मनगर, गिल रोड, जनता नगर, दशमेश नगर, ढंढारी, संत इशर नगर, शिमलापुरी, मिल्लरगंज, गुरु ज्ञान विहार, प्रकाश नगर, करनैल सिंह नगर, फुंलावाल, मोती नगर, सराभा नगर, माडल टाउन, माडल हाउस, पक्खोवाल रोड, पंजाब माता नगर, घुमार मंडी, सलेम टाबरी, नूरवाला रोड, हेबोवाल, सुंदर नगर, बस्ती जोधेवाल, टिब्बा रोड, अशोक नगर, फील्डगंज, किदवई नगर, जनकपुरी, भारत नगर चौक समेत आसपास बिजली गुल रही। जस्सियां रोड के आसपास मोहल्लों में 12 घंटे तक बिजली गुल रही। इससे सुबह कई घरों में पानी नहीं आया।
जस्सियां रोड निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि बिजली देर रात गुल हो गई, सुबह आठ बजे आई। बिजली कार्यालय में फोन किया, मगर बिजली ठीक नहीं हुई। इसके अलावा बारिश से उक्त कई मोहल्लों में पानी भर गया। इससे सीवरेज ओवरफ्लो हो गया तो गंदा पानी सड़कों पर आ गया। लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। सड़कों पर पानी रहने से सड़कों पर जाम लग गया।
भारत नगर चौक, समराला रोड, ताजपुर रोड शेरपुर रोड, चंडीगढ़ रोड पर पानी जमा रहने से ट्रैफिक का लंबा जाम लग गया। पुलिस को ट्रैफिक संभालने में काफी समय लगा। बारिश के पानी की वजह से मेयर बलकार संधू के वार्ड और पंचपीर रोड पर भी पानी जमा हो गया। मॉडल टाउन निवासी हरभजन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ रोड फोकल प्वाइंट जाना था। कई जगह सड़कों पर पानी भरने की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया। प्रशासन को ऐसी समस्या से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। दूसरी ओर नगर निगम के डी व सी जोन में पानी भर गया वहीं जिला प्रशासन के कार्यालय में पानी जमा हो गया। बस स्टैंड पर बारिश के कारण पानी भराव हो गया, इससे साफ है कि निगम ने नालों की सफाई नहीं की। बारिश में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए।
प्री मानसून की बौछारों से ही डूब गए जालंधर के कई इलाके
गुरुवार-शुक्रवार मध्यरात्रि से पड़ी प्री-मानसून की बौछारों ने नगर निगम के प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। गुरुवार को पड़ी बारिश के कारण शहर की अधिकतर सड़कों व गली-मोहल्लों में पानी भर गया। बारिश से जहां थोड़ा मौसम सुहावना हुआ तो वहीं बिजली कट ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया। बारिश के कारण कईं इलाकों में तो पानी लोगों के घरों व दुकानों के अंदर भी चला गया। इस बारिश के कारण दो मोरिया पुल, बस स्टैंड रोड, पटेल चौक, बस्ती दानिशमंदा रोड, बस्ती शेख रोड, रेलवे रोड, होशियारपुर रोड व कई इलाके जाम हो गए। इस जलभराव के कारण कई दो पहिया वाहन बंद पड़ गए, जिसको वाहन चालक धक्का लगाकर जलभराव से बाहर लाते देखे गए। जलभराव से परेशान दुकानदारों व लोगों का कहना था कि नगर निगम व सरकारें चाहे सुधार के लाख दावे करें, लेकिन सच तो यह है कि बारिश आते ही इन दावों की पोल खुल जाती है। करोड़ों रुपये सड़कों व सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने के दावे करने वाला नगर निगम भी बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव के आगे बेबस नजर आता है।
तेज आंधी और बारिश से मूंग की फसल को नुकसान
अमृतसर में तेज आंधी और बारिश से मूंग की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेत में तैयार और मंडियों में रखी फसल में नमी बढ़ गई है। आंधी और बारिश से नुकसान का किसानों ने सरकार से मुआवजा मांगा है। किसान नौजवान संघर्ष कमेटी के प्रदेश प्रधान बचित्तर सिंह कोटला का कहना है कि इस नुकसान के लिए सरकार जिम्मेदार है। जब मंडियों में मूंग की खरीद की शुरुआत एक जून से की जानी थी तो इसमें 15 दिन की देरी क्यों की गई।
इब्बन कलां गांव के किसान गुरिंदर सिंह और मनदीप सिंह ने बताया कि सरकारी रेट पर फसल बेचना आम किसान के बस में नहीं। किसान को सरकार की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करवाना पड़ता है। इसलिए हमने इससे बचने के लिए अपनी मूंग की फसल को निजी तौर पर ही बेच दिया है। उन्हें तय दाम से काफी कम रेट यानी 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल दाम ही मिले। अगर उनकी मूंग मंडी में होती तो इतनी कीमत भी नहीं मिलती।
मार्कफेड के जिला मैनेजर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि बीती रात हुई बारिश और आंधी से अमृतसर की मंडियों में मूंग की फसल नहीं पहुंची। अगर बारिश से नमी बढ़ेगी तो तेज धूप लगने से यह खत्म भी हो जाएगी। वैसे अभी तक 95 क्विंटल मूंग की खरीद की जा चुकी है और आने वाले दिनों में इस खरीद में और तेजी आएगी।