फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Vehicles from Delhi are sold in Punjab and given number of Punjab after completing process

Punjab: दिल्ली से आने वाले वाहनों पर पंजाब का नंबर लगाने में चल रहा है रिश्वतखोरी का खेल

Sun, 28 Aug 2022 04:39 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 28 Aug 2022 04:39 PM IST
सार

दिल्ली में नया वाहन खरीदने के 10 साल बाद वह ऑन रोड नहीं चल सकता। यही वजह है कि दिल्ली के वाहन पंजाब में धड़ाधड़ आकर बिकते हैं।

विज्ञापन
Vehicles from Delhi are sold in Punjab and given number of Punjab after completing process
नंबर प्लेट - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा सरकारी कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक चल रही है। खासकर आरटीए व एमवीआई कार्यालय टारगेट पर हैं, लेकिन पंजाब में एक बड़ा गोरखधंधा चल रहा है, वह है दिल्ली से गाड़ियों को खरीदकर पंजाब का नंबर लगाकर बेचने का। इसमें तमाम अधिकारियों के अलावा दलाल व कार डीलर वारे न्यारे कर रहे हैं।

विज्ञापन


दरअसल, दिल्ली में नया वाहन खरीदने के 10 साल बाद वह ऑन रोड नहीं चल सकता। यही वजह है कि दिल्ली के वाहन पंजाब में धड़ाधड़ आकर बिकते हैं। वाहन को एक प्रकिया पूरी कर पंजाब का नंबर लगाया जाता है, जिससे मार्केट में वाहन का दाम पंजाब का नंबर होने के कारण बढ़ जाता है।

विज्ञापन

यह प्रकिया है..

1- दिल्ली से वाहन काफी सस्ते मिलते हैं, जिन पर डीएच नंबर होता है। ज्यादातर ट्रक, इनोवा, छोटे हाथी, फार्च्यूनर वाहन होते हैं। इन वाहनों को सस्ते भाव से खरीदा जाता है और आरटीए कार्यालय में आवेदन कर पंजाब का नंबर लगवाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2- दिल्ली परिवहन विभाग की एनओसी के साथ सेल फार्म लगते हैं, जिसकी फाइल तैयार कर आवेदक पंजाब का नंबर लगाने की गुजारिश करता है।
3- फाइल आरटीए विभाग के उस क्लर्क के पास जाती है, जो विभाग के उच्चाधिकारी का खासमखास होता है। वह फाइल को क्लीयर कर एसओ यानी एकाउंटेंट के पास भेजता है।
4-अकाउंटेंट गाड़ी का मॉडल नंबर देखकर सरकारी फीस बनाता है। यह सब अकाउंटेंट पर होता है कि वह कितनी फीस बना रहा है। सरकार का नियम है कि अगर वाहन 9 साल पुराना है तो उस पर वाहन की मौजूदा कीमत का 20 फीसदी टैक्स के रूप में जमा करवाना होगा। अगर वाहन छह से नौ साल के बीच है तो 40 फीसदी और अगर तीन से छह साल के बीच है तो 60 फीसदी और अगर तीन से नीचे है तो 80 फीसदी वाहन की कीमत का टैक्स पंजाब परिवहन विभाग को जमा करवाना होता है। विभाग के कर्मचारी मिलीभगत से टैक्स को कम बनाते हैं और जितना बचा लेते हैं, उसका आधा पैसा कर्मचारी की जेब में जाता है।
5- इसके बाद डिस्कलेमर तैयार होता है और क्लर्क द्वारा बनाई गई फीस ऑनलाइन जमा होती है।
6- फाइल के साथ 25 नंबर फार्म लगता है, उस पर एमवीआई तीन हजार की रिश्वत लेकर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करते हैं कि वाहन पांच साल अभी चलाया जा सकता है।
7- फाइल एमवीआई से फिट करार देने के बाद आरटीए के पास आती है और पंजाब का नंबर अलाट कर दिया जाता है। इस पूरी प्रकिया के लिए 8 हजार की रिश्वत दलालों द्वारा वाहन मालिकों से ली जाती है। इसमें तीन हजार एमवीए के लिए व 5 हजार आरटीए कार्यालय में जाते हैं। इसके अलावा अगर क्लर्क सरकारी फीस कम बनाता है तो उसकी भी बांट आधी-आधी होती है।

हर माह करीब 7 हजार वाहन आते हैं दिल्ली से

हर माह करीब सात हजार वाहन पंजाब में बिक्री के लिए दिल्ली से आते हैं, जिसको जिला स्तर पर आरटीए कार्यालय में पंजाब नंबर के लिए पंजीकृत करने के लिए भेजा जाता है।

विजिलेंस की पैनी नजर 

एसएसपी विजिलेंस दलजिंदर सिंह ढिल्लों का कहना है कि विजिलेंस ब्यूरो भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है। पंजाब सरकार की तरफ से सरकारी कार्यालयों में करप्शन को खत्म करने के लिए हर संभव यत्न किए जा रहे हैं। आरटीए व एमवीआई कार्यालय पर विजिलेंस की पैनी नजर है।

मालवा के एक जिले में खूब रजिस्टर हुई दिल्ली की गाड़ियां 

मालवा के एक जिले में धड़ाधड़ दिल्ली नंबर के वाहन पंजाब नंबर के लिए रजिस्टर्ड किए गए। इसकी अंदरखाते जांच भी शुरू हो चुकी है कि मालवा के एक खास जिले को माफिया ने क्यों चुना?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed