{"_id":"63fa61a3500bca298908ad45","slug":"tiger-seen-in-the-village-of-dharkalan-in-pathankot-of-punjab-2023-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"पठानकोट: धारकलां के गांव में दिखा बाघ, दहशत में लोग, कार सवार राहगीर ने बनाई वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पठानकोट: धारकलां के गांव में दिखा बाघ, दहशत में लोग, कार सवार राहगीर ने बनाई वीडियो
Sun, 26 Feb 2023 12:59 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 26 Feb 2023 12:59 AM IST
सार
धार के जंगल से सटे गांव डल्ला टीका डलोकडी में कार सवार राहगीर ने वीडियो बनाई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना रात को जंगल से बाघ के दहाड़ने की आवाजें आती हैं। जिसके चलते वह सभी दहशत में हैं।
विज्ञापन
पठानकोट के धार ब्लॉक में सड़क किनारे झाड़ियों में बैठा बाघ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के जिला पठानकोट के नीम पहाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर बाघ दिखने से लोग दहशत में हैं। इस बार एक राहगीर ने कार में बैठ बाघ का वीडियो भी बनाया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो धार के जंगलों से सटे गांव डल्ला, टीका, डलोकडी के मुख्य मार्ग पर बनाया गया।
विज्ञापन
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना रात को जंगल से बाघ के दहाड़ने की आवाजें आती हैं। जिसके चलते वह सभी दहशत में हैं। बता दें, बीते माह बाघ ने हमला कर कई बकरियों को निशाना बनाया था। इनमें से अधिकतर बकरियां मारी गई और कई लापता हो गईं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, बाघ के डर से धार ब्लॉक के लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी कतरा रहे हैं। धार ब्लॉक के गांव डल्ला निवासी ठाकुर वरियाम सिंह ने बताया कि रात के समय हर रोज बाघ के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती हैं। जिसके चलते लोग दहशत एवं डर से रात को घरों से बाहर नहीं निकलते। गांव डल्ला टीका डलोकडी में भी रात के समय एक जंगली बाघ देखा गया। उन्होंने कहा कि रात के समय इन गांवों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
कैमरे लगाकर करेंगे निगरानी : डीएफओ
जंगली जीव सुरक्षा विभाग के डीएफओ परमजीत सिंह ने कहा कि जहां यह बाघ बैठा है, यह जंगली इलाका है। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण यह निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं। अब यह जल्द ही पहाड़ों पर लौट जाएंगे। उन्होंने बताया कि बकरियों पर हुए हमले के बाद वहां कैमरों से निगरानी की गई तो पता चला कि धार के जंगल में एक मादा बाघ और उसका बच्चा घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उसी मादा का बच्चा है। यह जंगल ही उनका आशियाना है। इन पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी लगाए जाएंगे।