{"_id":"6ab0a7c38c300f1662066999","slug":"asi-murder-case-accused-deepak-turned-to-terrorism-after-mortgaging-his-home-for-drug-addiction-2026-09-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एएसआई हत्याकांड: घर गिरवी रख आतंकी बना था दीपक, नशे की लत ने परिवार को किया बर्बाद; पुलिस का बड़ा खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएसआई हत्याकांड: घर गिरवी रख आतंकी बना था दीपक, नशे की लत ने परिवार को किया बर्बाद; पुलिस का बड़ा खुलासा
Mon, 21 Sep 2026 09:13 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Mon, 21 Sep 2026 09:13 AM IST
सार
अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस के एएसआई हरजीत सिंह की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। थाना गेट हकीमा में तैनात हरजीत सिंह वीरवार देर रात दाना मंडी के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने मामले में आरोपी दीपक को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
विज्ञापन
एएसआई हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब पुलिस के एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी दीपक सिंह के परिवार ने उसकी नशे की लत को लेकर कई खुलासे किए हैं।
विज्ञापन
दीपक के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि दीपक नशे का आदी हो गया था। उसकी नशे की आदत के चलते परिवार पर आर्थिक संकट बढ़ता गया और आखिरकार घर साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रखना पड़ा।
विज्ञापन
बलविंदर सिंह के अनुसार दीपक पहले काम करता था लेकिन गलत संगत में पड़ने के बाद नशे की गिरफ्त में आ गया। पिछले साल 27 सितंबर को जेल जाने के बाद करीब सात महीने बाद जमानत पर बाहर आया। इसके बावजूद नशे की लत नहीं छूटी। इसी दौरान वह पाकिस्तान के आतंकियों के संपर्क में आ गया था। पिता ने बताया कि घर गिरवी रखने की जानकारी इलाके के दुकानदारों और अन्य लोगों को भी है।
विज्ञापन
Trending Videos
अमीर बनने का लालच देकर आतंकी करवा रहे पुलिस पर हमले
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के आरोपी एक शूटर को पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारा गया आरोपी दीपक सिंह निवासी मल्लूचक्क पाकिस्तान में बैठे एक आतंकी के संपर्क में था।
मुठभेड़ के दौरान दीपक सिंह का एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। दोनों आरोपी लगातार फोन के जरिये पाकिस्तान में बैठे आतंकी से तालमेल कर रहे थे। पाकिस्तान के आतंकी लगातार अपने स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं। वे पुलिस अधिकारियों पर हमले करवा रहे हैं। इसके बदले में युवाओं को मोटी रकम देकर रातो-रात अमीर बनने का लालच दिया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आतंकियों का लक्ष्य केवल पुलिसकर्मी हैं। वे एकांत में अकेले आते-जाते पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हैं।
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी युवाओं को झांसे में लेते हैं। वे पुलिस अधिकारी पर हमला करने के बाद वीडियो बनाने का लालच देते हैं। इसके बदले में पाकिस्तान से उन्हें हेरोइन और हथियारों की खेप भेजी जाती है। इसे आगे सप्लाई करने पर लाखों रुपये हवाला के जरिये प्राप्त होते हैं। यह साजिश युवाओं को अमीर बनने का प्रलोभन देकर अंजाम दी जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मौके से फरार हुए आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार रेड कर रही हैं। मारा गया आरोपी दीपक सिंह अमृतसर जिले में और भी वारदात करने वाला था। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है जिससे कई अहम जानकारियां मिल रही हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी कई युवाओं को अलग-अलग जगहों पर वारदात करने के लिए तैयार कर रहे हैं, इसलिए इस मामले का पहले हुई दो अन्य वारदात से कोई संबंध नहीं है।
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के आरोपी एक शूटर को पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारा गया आरोपी दीपक सिंह निवासी मल्लूचक्क पाकिस्तान में बैठे एक आतंकी के संपर्क में था।
मुठभेड़ के दौरान दीपक सिंह का एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। दोनों आरोपी लगातार फोन के जरिये पाकिस्तान में बैठे आतंकी से तालमेल कर रहे थे। पाकिस्तान के आतंकी लगातार अपने स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं। वे पुलिस अधिकारियों पर हमले करवा रहे हैं। इसके बदले में युवाओं को मोटी रकम देकर रातो-रात अमीर बनने का लालच दिया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आतंकियों का लक्ष्य केवल पुलिसकर्मी हैं। वे एकांत में अकेले आते-जाते पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हैं।
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी युवाओं को झांसे में लेते हैं। वे पुलिस अधिकारी पर हमला करने के बाद वीडियो बनाने का लालच देते हैं। इसके बदले में पाकिस्तान से उन्हें हेरोइन और हथियारों की खेप भेजी जाती है। इसे आगे सप्लाई करने पर लाखों रुपये हवाला के जरिये प्राप्त होते हैं। यह साजिश युवाओं को अमीर बनने का प्रलोभन देकर अंजाम दी जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मौके से फरार हुए आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार रेड कर रही हैं। मारा गया आरोपी दीपक सिंह अमृतसर जिले में और भी वारदात करने वाला था। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है जिससे कई अहम जानकारियां मिल रही हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी कई युवाओं को अलग-अलग जगहों पर वारदात करने के लिए तैयार कर रहे हैं, इसलिए इस मामले का पहले हुई दो अन्य वारदात से कोई संबंध नहीं है।