खुलासा: आतंकी गुरप्रीत और उसके साथी आकाशदीप ने तलवंडी भाई रोड पर रखा था हैंड ग्रेनेड, निशानदेही पर बरामद हुए लैपटॉप, कारतूस और पिस्तौल
करनाल पुलिस ने विस्फोटक सामग्री के साथ संदिग्ध आतंकी गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह व परमिंदर सिंह वासी मक्खू, फिरोजपुर और भूपिंदर सिंह वासी लुधियाना को पकड़ा था। इसके बाद फिरोजपुर पुलिस ने इनके दो साथी आकाशदीप सिंह वासी फिरोजपुर व जश्नप्रीत वासी फरीदकोट को काबू किया था।
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करनाल से पकड़े संदिग्ध आतंकी गुरप्रीत सिंह ने अपने साथी आकाशदीप सिंह वासी फिरोजपुर से मिलकर तलवंडी भाई के गांव सेखवां के हाईवे-54 के पास हैंडग्रेनेड रखा था। पुलिस ने आकाशदीप की निशानदेही पर गांव दूल्ला सिंह वाला से लैपटॉप, बैग, 78 कारतूस और दो पिस्तौल बरामद की हैं। उल्लेखनीय है कि करनाल पुलिस ने विस्फोटक सामग्री के साथ संदिग्ध आतंकी गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह व परमिंदर सिंह वासी मक्खू, फिरोजपुर और भूपिंदर सिंह वासी लुधियाना को पकड़ा था। इसके बाद फिरोजपुर पुलिस ने इनके दो साथी आकाशदीप सिंह वासी फिरोजपुर व जश्नप्रीत वासी फरीदकोट को काबू किया था।
एसएसपी चरणजीत सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में एक बात सामने आई है कि तलवंडी भाई के गांव सेखवां के हाईवे-54 के पास नवंबर 2021 में गुरप्रीत सिंह और आकाशदीप सिंह ने पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के आदेश पर हैंड ग्रेनेड रखा था। इसे पुलिस ने पहले बरामद कर लिया था। ये हैंड ग्रेनेड भी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने इन्हें भेजा था।
एसएसपी ने बताया कि करनाल में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों के बाद पुलिस ने आकाशदीप सिंह व जश्नप्रीत सिंह को काबू किया था। आकाशदीप की निशानदेही पर गांव दुल्ला सिंह वाला से उसके साथ के खेत से लैपटॉप, बैग, 78 कारतूस व 9 एमएम के दो पिस्तौल बरामद हुए हैं। जबकि इनका साथी सुखबीर सिंह निवासी सोढ़े वाला जिला फिरोजपुर फरार हैं। पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही है। एसएसपी ने बताया कि लैपटॉप को फोरेंसिक लैब में भेज दिया है, जो डाटा डिलीट किया गया है, उसे दोबारा से प्राप्त किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में एसएसपी ने कहा कि पाकिस्तान में बैठे बब्बर खासला के आतंकी रिंदा इन्हें सरहद पर विस्फोटक सामग्री भेजता था, ये उसके बताई हुई जगह पर सप्लाई करते थे। कई बार इन्हें रिंदा ऑपरेशन की जानकारी भी देता था। कई बार सिर्फ यही कहता था कि ये सामग्री वहां पहुंचा दो।