फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Sangrur farmer dies while protesting at Shambhu Border

शंभू बॉर्डर पर किसान की मौत: उल्टी-दस्त होने पर बिगड़ी तबीयत, परिवार को सरकारी नौकरी देने की मांग

Thu, 22 Aug 2024 05:21 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 22 Aug 2024 05:21 PM IST
सार

मांगों को लेकर पंजाब व हरियाणा की सीमा शंभू बॉर्डर पर किसान धरना दे रहे हैं। यहां एक किसान की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। मृतक किसान ( 65) कौर सिंह संगरूर के ब्लॉक घोड़े नाव का रहने वाला था।

विज्ञापन
Sangrur farmer dies while protesting at Shambhu Border
शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद

विस्तार

शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन-2.0 में एक और किसान की मौत हो गई है। मृतक किसान की पहचान 65 साल के कौर सिंह निवासी ब्लॉक घोड़े नाव जिला संगरूर के तौर पर हुई है। किसान को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। इससे उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। 

विज्ञापन


किसान जत्थेबंदियों ने पंजाब सरकार से मृतक किसान के परिवार को सरकारी नौकरी देने व उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है। 

जानकारी के मुताबिक किसान पिछले करीब 10 दिनों से शंभू बार्डर पर चल रहे आंदोलन में हिस्सा ले रहे थे। फिलहाल किसान के शव को राजपुरा के सरकारी सिविल अस्पताल में रखा गया। पोस्टमार्टम के बाद मृत देह को शंभू बार्डर पर भी ले जाया जाएगा, ताकि वहां मौजूद किसान भी कौर सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि भेंट कर सकें। 
विज्ञापन


किसान आंदोलन 2.0 में अब तक 12 के करीब किसानों की मौत हो चुकी है। हाल ही में 65 साल के जरनैल सिंह निवासी मोगा की मौत हुई थी। जरनैल सिंह 10 अगस्त को शंभू बॉर्डर पर चले मोर्चे में भाग लेने के लिए आए थे। सांस लेने में तकलीफ के कारण अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने इस मौके पर बॉर्डरों पर आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर की जाने वाली महापंचायतों में किसानों को बड़ी गिनती में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से ही एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कर्जे माफी व अन्य मांगों को पूरा कराके ही किसान जत्थेबंदियां दम लेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed