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अब 6 मई को होगा धर्मपाल की फांसी पर फैसला

Wed, 10 Apr 2013 10:44 PM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
चंडीगढ़/ब्यूरो Updated Wed, 10 Apr 2013 10:44 PM IST
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Rape convict Dharampal not to be hanged till may 6

सेंट्रल जेल अंबाला में बंद धर्मपाल की फांसी की सजा पर रोक जारी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में एडीजीपी (प्रिजन) के जवाब को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई 6 मई के लिए स्थगित कर दी।

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जस्टिस एके मित्तल एवं जस्टिस जेएस संधावालिया पर आधारित विशेष बेंच ने निर्देश जारी किए हैं कि अगली सुनवाई तक फांसी पर रोक जारी रहेगी। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा 14 साल बाद ठुकराई दया याचिका के बाद धर्मपाल की फांसी की सजा 15 अप्रैल के लिए निर्धारित की गई थी।
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बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा के एडीजीपी (प्रिजन) ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि हाईकोर्ट के पास धर्मपाल की याचिका को इंटरटेन करने का अधिकार नहीं है। हलफनामे में कहा गया कि सुप्रीमकोर्ट ही इस मामले को कंसीडर कर सकता है, लिहाजा इस याचिका को रद कर दिया जाए।
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यह कहा है याचिका में
धर्मपाल द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि उसके खिलाफ सोनीपत पुलिस स्टेशन में 10 जून 1993 को हत्या का मामला दर्ज हुआ था। सोनीपत के सेशन जज ने इस मामले में दोषी बताकर 5 मई 1997 को फांसी की सजा सुनाई।


हाईकोर्ट द्वारा सजा को सही मानने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की। सुप्रीमकोर्ट ने 18 मार्च 1999 में उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 1999 में राष्ट्रपति के पास माफी याचिका दाखिल की, जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कुछ दिन पहले खारिज कर दिया है।

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