पंजाब कांग्रेस फिर दोराहे पर: 'संकट अभी टला नहीं' हरीश रावत ने 37 दिन पहले ही अमर उजाला को बता दी थी हकीकत
Punjab Congress Crisis: कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खींचतान जुलाई में अपने चरम पर थी। इसी बीच, अगस्त 2021 के दौरान अमर उजाला से विशेष बातचीत में राज्य के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने इशारा कर दिया था कि पंजाब कांग्रेस में संकट बरकरार है।
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पंजाब में साढ़े चार साल सरकार चला चुके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मुश्किलों में हैं। विधानसभा चुनाव से महज पांच-छह महीने पहले उनकी कुर्सी पर संकट के बादल हैं। कांग्रेस विधायक दल की आज बुलाई गई बैठक उनके लिए खतरे की घंटी साबित होती दिख रही है। हालांकि, पंजाब कांग्रेस में यह अंदरूनी खींचतान नई नहीं है।
2017 में कांग्रेस में शामिल हुए थे सिद्धू
दरअसल, जब 2017 में नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल हुए थे, तब से वह अपने लिए पंजाब में बड़ी भूमिका देख रहे थे। इस साल जुलाई में कांग्रेस में अंदरूनी कलह चरम पर पहुंच चुकी थी। सिद्धू बड़ी भूमिका चाहते थे, लेकिन कैप्टन भी मजबूती से जमे हुए थे। आखिरकार कैप्टन मुख्यमंत्री पद पर बने रहे और सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया। असंतोष पैदा न हो, इसके लिए चार कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए गए। सिद्धू की ताजपोशी में कैप्टन भी शामिल हुए। तब यह माना गया कि विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में संकट टल गया है।
'वाहे गुरु... संकट अभी टला नहीं'
बहरहाल, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने 12 अगस्त को अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में इस ओर इशारा कर दिया था कि पंजाब में संकट बरकरार है। इस विशेष बातचीत में रावत ने कहा था- अब भी संकट टला नहीं है। ...हे भगवान, वाहे गुरु...।
'अकाली मजबूत हो गए तो मुश्किल होगी'
रावत ने कहा था, 'इसमें दो फैक्टर हैं। राहुलजी ने मार्गदर्शन किया। उन्हें श्रेय जाता है। उसके बाद क्रेडिट जाता है कि वहां के करीब एक दर्जन नेताओं को। इनमें कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हैं। इन्हें यह लगा कि यदि हम एकजुट नहीं होते हैं तो 2022 हमारे हाथ से चला जाएगा। आगे की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। अगर 2022 के बाद अकाली दल मजबूत हो गए तो हमारे लिए बहुत कठिन हो जाएगा। आंतरिक समझ पंजाब में पैदा हुई। मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं। जब सिद्धू का पट्टाभिषेक हुआ तो कांग्रेस के सारे नेता आए।'