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Punjab: कांग्रेस नेता अश्वनी सेखड़ी ने थामा भाजपा का दामन, लंबी खामोशी के बाद किया सियासी धमाका
Sun, 16 Jul 2023 06:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 16 Jul 2023 06:33 PM IST
सार
लंबी खामोशी के बाद सेखड़ी ने सियासी धमाका किया है। वह बटाला से तीन बार कांग्रेस से विधायक रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के बेहद करीब माने जाने वाले कांग्रेस के सिद्धू खेमे को भी जबरदस्त झटका लगा है।
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अश्वनी सेखड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कांग्रेस में आपसी गुटबंदी की वजह से और पिछले करीब एक साल से राजनीति क्षेत्र में शांत चल रहे बटाला एवं माझा के टकसाली कांग्रेसी और पंजाब कांग्रेस के 62 वर्षीय वरिष्ठ नेता अश्वनी सेखड़ी ने आखिरकार कांग्रेस को छोड़ दिया है। भाजपा में शामिल होकर उन्होंने एक बड़ी राजनीतिक हलचल पैदा की है।
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सेखड़ी की पिछले कई महीनों से चल रही खामोशी एक बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल होने के संकेत दे रही थी। सेखड़ी के इस राजनीतिक कदम से जहां पंजाब प्रदेश कांग्रेस को झटका लगा है वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू के बेहद करीब माने जाने वाले सिद्धू खेमे को भी जबरदस्त झटका लगा है। विधानसभा चुनाव 2022 में सेखड़ी को बटाला से कांग्रेसी सीट दिलवाने वाले सिद्धू ही थे और सिद्धू ने सेखड़ी के पक्ष में दमदार रैलियां भी की थी लेकिन 2022 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमनशेर सिंह कलसी से हार गए थे।
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शैक्षिक योग्यता की बात करें तो सेखड़ी लॉ ग्रेजुएट हैं। बटाला में सेखड़ी परिवार टकसाली कांग्रेसी माना जाता था लेकिन रविवार को अश्वनी सेखड़ी की कांग्रेस कटरता खत्म हो गई। सेखड़ी के अब तक के राजनीतिक सफर की बात करें तो अश्वनी सेखड़ी ने बटाला विधानसभा सीट से पहली बार 1985 में चुनाव लड़ा था जिसमें वह सफल रहे।
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इसके बाद वह 2002 और 2012 में भी बटाला सीट से दोबारा विधायक के रूप में चुने गए। 2002 में उन्हें पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री बनाया गया और 2009 में सेखड़ी को पंजाब प्रदेश कांग्रेसी कमेटी का प्रवक्ता नियुक्त किया गया। 2017 में अश्वनी सेखड़ी ने बटाला से फिर कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा मगर वह शिअद के लखबीर सिंह लोधीनंगल से महज 485 वोटों से हार गए।
2022 विधानसभा चुनाव में सेखड़ी को बटाला से दोबारा कांग्रेसी उम्मीदवार के रूप में टिकट दी गई। इसमें सेखड़ी 28472 वोटों के अंतर से आप के उम्मीदवार अमनशेर सिंह शैरी कलसी से हार गए थे।
रविवार को सेखड़ी का कांग्रेस को छोड़ भाजपा में जाना, राजनीतिक गलियारों में इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कांग्रेस में सेंध लगाकर बटाला की सीट सेखड़ी की झोली में डाल दी है।
अगर भाजपा की बात करें तो जगदीश राज साहनी के बाद बटाला की विधानसभा सीट से भाजपा किसी बड़े नेता की तलाश में थी। इसके अलावा अश्वनी सेखड़ी का भाजपा में शामिल होना लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भी भाजपा की एक बहुत बड़ी प्लानिंग मानी जा रही है। वहीं, रविवार को बटाला के एक कांग्रेसी खेमे के वर्करों ने जब सेखड़ी के भाजपा में शामिल में होने की खबर को सुनी तो उन्होंने लड्डू बांटे।