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पंजाब प्रदेश कांग्रेस में आया जेनरेशन चेंज का दौर
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Jan 2014 01:23 AM IST
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पंजाब कांग्रेस में अब जेनरेशन चेंज का दौर आ गया है। जो पुराने दिग्गज कांग्रेसी प्रदेश नेतृत्व पर नजरंदाज करने का आरोप लगाकर विरोध कर रहे हैं।
उन्हीं के बेटे व रिश्तेदार सोमवार को प्रदेश कमेटी की मीटिंग में पहुंचे। इस तरह प्रदेश नेतृत्व ने संदेश दिया कि पुरानी पीढ़ी को अब नई पीढ़ी के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए।
दोआबा के दिग्गज कांग्रेसी और पूर्वमंत्री चौधरी जगजीत सिंह ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया। उनके बेटे सुरिंदर चौधरी को सचिव बनाया गया है।
वह मीटिंग में शामिल हुए, पर कोई विरोध नहीं किया। इसी तरह रजिंदर कौर भट्ठल ने खुले तौर पर प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
नई कमेटी में उनके दामाद विक्रम सिंह को महासचिव बनाया गया है। वह भी मीटिंग में पहुंचे और बाजवा के विरोध में कुछ नहीं बोले। दलित नेता शमशेर सिंह दूलो ने अनदेखी का आरोप लगाया था।
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उनके बेटे बलदीप सिंह को सचिव बनाया गया है। वह भी मीटिंग में शामिल हुए। इसी तरह विरोधी सुर बुलंद करने वाले एक अन्य पुराने कांग्रेसी दिग्गज लाल सिंह का बेटे राजिंदर सिंह भी प्रदेश कमेटी की मीटिंग में शामिल हुआ।
उनको नई कमेटी में सचिव बनाया गया है। इसी तरह पहली मीटिंग में दलितों के मसीहा माने जाते नेताओं की जगह नए कांग्रेसियों ने ले ली। प्रताप सिंह बाजवा ने खुद कहा कि जेनरेशन चेंज होता है तो थोड़ा विरोध होता ही है।
पर उन्होंने सभी पुराने नेताओं की अगली पीढ़ी को एडजस्ट किया, ताकि नए लोग आएं। एआईसीसी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि नए लोगों और यूथ को आगे लाया जाए। उसी फार्मूले पर प्रदेश कांग्रेस ने भी कमेटी गठित की है।
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उन्हीं के बेटे व रिश्तेदार सोमवार को प्रदेश कमेटी की मीटिंग में पहुंचे। इस तरह प्रदेश नेतृत्व ने संदेश दिया कि पुरानी पीढ़ी को अब नई पीढ़ी के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए।
दोआबा के दिग्गज कांग्रेसी और पूर्वमंत्री चौधरी जगजीत सिंह ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया। उनके बेटे सुरिंदर चौधरी को सचिव बनाया गया है।
वह मीटिंग में शामिल हुए, पर कोई विरोध नहीं किया। इसी तरह रजिंदर कौर भट्ठल ने खुले तौर पर प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
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नई कमेटी में उनके दामाद विक्रम सिंह को महासचिव बनाया गया है। वह भी मीटिंग में पहुंचे और बाजवा के विरोध में कुछ नहीं बोले। दलित नेता शमशेर सिंह दूलो ने अनदेखी का आरोप लगाया था।
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उनके बेटे बलदीप सिंह को सचिव बनाया गया है। वह भी मीटिंग में शामिल हुए। इसी तरह विरोधी सुर बुलंद करने वाले एक अन्य पुराने कांग्रेसी दिग्गज लाल सिंह का बेटे राजिंदर सिंह भी प्रदेश कमेटी की मीटिंग में शामिल हुआ।
उनको नई कमेटी में सचिव बनाया गया है। इसी तरह पहली मीटिंग में दलितों के मसीहा माने जाते नेताओं की जगह नए कांग्रेसियों ने ले ली। प्रताप सिंह बाजवा ने खुद कहा कि जेनरेशन चेंज होता है तो थोड़ा विरोध होता ही है।
पर उन्होंने सभी पुराने नेताओं की अगली पीढ़ी को एडजस्ट किया, ताकि नए लोग आएं। एआईसीसी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि नए लोगों और यूथ को आगे लाया जाए। उसी फार्मूले पर प्रदेश कांग्रेस ने भी कमेटी गठित की है।