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मशहूर कॉमेडियन रविंदर घोड़ा और उनके बेटे की सड़क हादसे मेंमौत

Thu, 24 Oct 2013 09:53 PM IST
अमर उजाला, होशियारपुर
अमर उजाला, होशियारपुर Updated Thu, 24 Oct 2013 09:53 PM IST
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punjab comedian ravinder ghora n his 13 years son dead by road accident
पंजाब के मशहूर कॉमेडियन रविंदर घोड़ा और उनके 13 वर्षीय बेटे की होशियारपुर चंडीगढ़ रोड पर गांव बडेसरों के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे उस वक्त हुआ, जब उनकी गाड़ी को सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने  सीधी टक्कर मारी। इस टक्कर से कॉमेडियन और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
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थाना पुलिस माहिलपुर ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चालक अभी फरार है।  
जानकारी के मुताबिक पंजाबी के कॉमेडियन रविंदर कुमार भारद्वाज उर्फ रविंदर घोडा निवासी ठुआना बुधवार को अपने किसी मित्र से मिलने गढ़शंकर गए थे। रात करीब दस बजे वे अपनी फोर्ड आईकोन कार (पीबी07वाई-0181) से अपने 13 वर्षीय बेटे रितिक भारद्वाज के साथ गढ़शंकर से घर के लिए निकले थे।
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जब वह गांव बडेसरों के पास से गुजर रहे थे, तो होशियारपुर से गढ़शंकर की ओर अनियंत्रित ढंग से एक कैंटर (जेके02अैक्स-9642) ने उनकी कार को सामने से टक्कर मारी।
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इस टक्कर से पहले रविंदर ने कार को दाईं ओर मोड़ कर बचाने की कोशिश भी की, लेकिन कैंटर ने बाईं ओर से गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर सड़क के दूसरी ओर जाकर पलट गया।

हादसे में दोनों पिता पुत्र की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर शवों को अस्पताल भेजा। वीरवार को दोनों शव परिवार को सौंप दिया गया।
कामेडियन रविंदर और उनके बेटे का संस्कार शुक्रवार को उनके कुछ नजदीकी रिश्तेदारों के  विदेश से आने के बाद किया जाएगा।  
साइंस टीचर से कॉमेडियन का सफर  
ब्लॉक माहिलपुर के गांव ठुआना में जन्मे 42 वर्षीय रविंदर कुमार भारद्वाज उर्फ रविंदर घोडा ने एसएन कॉलेज से बीएससी करते वक्त से ही कॉमेडी के गुण दिखाने शुरू कर दिए थे।

वे एक अच्छे कॉमेडियन होने के साथ-साथ एक अच्छे अध्यापक भी रहे है। रविंदर एसबीएस नगर के गांव फराला स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में साइंस टीचर थे। उन्होंने पंजाब में स्वस्थ कामेडी के लिए जाना जाता, जिन्हें परिवार में भी बैठ लोग सुनना पसंद करते थे।  हमेशा सामाजिक कुरीतियों पर चोट करने वाली उनकी कॉमेडी की शुरूआत दूरदर्शन पर प्रसारित कॉमेडी एलबम ‘नवां साल घोडे दे नाल’ के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने ‘हास्सियां दे गोलगप्पे’, ‘घोड़े दी खिच धूह’, ‘हासियां दी पटारी’ समेत दर्जन भर कैसेट और सीडी से दर्शकों का दिल जीता।
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