फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Punjab Assembly Election: Wives of Two Former DGP are contesting from Malerkotla 

मालेरकोटला में दिलचस्प मुकाबला: पंजाब के मुस्लिम बहुल एरिया में आमने सामने हैं दो पूर्व डीजीपी की पत्नियां

Fri, 28 Jan 2022 11:47 AM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
सुशील कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 28 Jan 2022 11:47 AM IST
सार

फरजाना आलम ने अकाली दल के टिकट पर 2012 विस चुनाव लड़ा था और उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर रजिया सुल्ताना ही थीं। तब फरजाना आलम ने 5200 वोट के अंतर से जीत दर्ज करके न केवल रजिया सुल्ताना का विजयी रथ रोका था।

विज्ञापन
Punjab Assembly Election: Wives of Two Former DGP are contesting from Malerkotla 
फरजाना आलम और रजिया सुल्ताना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के मालेरकोटला में करीब एक दशक बाद राज्य के दो पूर्व डीजीपी की पत्नियां चुनावी दंगल में आमने सामने आ गई हैं। कांग्रेस से पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना (कैबिनेट मंत्री) चुनाव मैदान में हैं। रजिया सुल्ताना इसी सीट से तीन विस चुनाव (2002, 2007 व 2017) जीत चुकी हैं। उनके सामने कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब लोक कांग्रेस की प्रत्याशी फरजाना आलम को चुनाव मैदान में उतारा है। फरजाना आलम भी पूर्व डीजीपी मोहम्मद इजहार आलम की पत्नी हैं और उनके पति शालीनता के प्रतीक माने जाते रहे हैं। 

विज्ञापन


इससे पहले फरजाना आलम ने अकाली दल के टिकट पर 2012 विस चुनाव लड़ा था और उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर रजिया सुल्ताना ही थीं। तब फरजाना आलम ने 5200 वोट के अंतर से जीत दर्ज करके न केवल रजिया सुल्ताना का विजयी रथ रोका था, बल्कि जीत की हैट्रिक भी नहीं बनने दी थी। 
विज्ञापन


सियासी फिजां में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रजिया सुल्ताना 2012 की हार का हिसाब बराबर कर सकेंगी। कैप्टन, ढींडसा व भाजपा की संयुक्त प्रत्याशी फरजाना आलम को कांग्रेस के अलावा अकाली दल के नुसरत इकराम खान से भी दो दो हाथ करने पडे़ंगे। आम आदमी पार्टी भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा रही है। फरजाना आलम संसदीय सचिव के अलावा वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन रह चुकी हैं। 2017 में फरजाना ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।  

विज्ञापन
विज्ञापन

गैर मुस्लिम प्रत्याशी से 179 मतों से जीत सकी थीं रजिया 

करीब डेढ़ लाख मतदाताओं वाले मालेरकोटला में सबसे ज्यादा आबादी मुस्लिम भाइचारे की है और 1972 से यहां से इसी समुदाय के नेता ही चुनाव जीतते रहे हैं। 2002 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल के अजीत सिंह चंदूराइयां जीत के करीब पहुंच गए थे, लेकिन अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहीं रजिया सुल्ताना 179 मतों से जीत हासिल करने में सफल रही थीं।  

कैप्टन के खिलाफ खोला था मोरचा

कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना और उनके पति मोहम्मद मुस्तफा ने किन्हीं कारणों के चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोरचा खोला था और नवजोत सिंह सिद्धू का डटकर समर्थन किया था। इसी कड़ी के तहत रजिया सुल्ताना ने 28 सितंबर 2021 को मंत्री पद से इस्तीफा तक दे दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed