{"_id":"614c7c568ebc3e04b9361a22","slug":"punjab-aam-aadmi-party-leader-harpal-singh-cheema-demands-convening-of-the-assembly-session","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की
Thu, 23 Sep 2021 06:38 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 23 Sep 2021 06:38 PM IST
सार
हरपाल सिंह चीमा ने मांग की है कि पंजाब के लोगों को महंगी बिजली और बिजली माफिया से बचाने के लिए पिछली बादल सरकार द्वारा निजी बिजली कंपनियों के साथ हुए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को इस सत्र के दौरान रद्द किया जाना चाहिए...
विज्ञापन
हरपाल सिंह चीमा
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा का लंबित मानसून सत्र तुरंत बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दे हैं जिन्हें जल्द से जल्द तय किया जाना चाहिए और इसकी चर्चा सदन के बाहर नहीं हो सकती। नव नियु्क्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को किसानों के लिए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल सदन बुलाने का काम करना चाहिए।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का भारी समय कांग्रेस की आंतरिक राजनीति की भेंट चढ़ गया है। अब इसकी भरपाई करने के लिए जल्द से जल्द लंबित विधानसभा का सत्र बुलाया जाना चाहिए। चीमा ने कहा कि किसानों का मुद्दा पूरे पंजाब के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और पूरा प्रदेश यह जानना चाहता है कि नए मुख्यमंत्री कृषि कानूनों पर कैसी राय रखते हैं, और वे इनके असर से किसानों को बचाने के लिए क्या काम करना चाहते हैं।
विज्ञापन
इसके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने विपक्ष को आश्वासन दिया था कि कुछ दिनों में सत्र फिर से बुलाया जाएगा जिसमें सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। लेकिन 20 दिन से अधिक दिन गुजर जाने के बाद भी सत्र नहीं बुलाया गया है।
विज्ञापन
हरपाल सिंह चीमा ने मांग की है कि पंजाब के लोगों को महंगी बिजली और बिजली माफिया से बचाने के लिए पिछली बादल सरकार द्वारा निजी बिजली कंपनियों के साथ हुए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को इस सत्र के दौरान रद्द किया जाना चाहिए।