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बेघर हुए परिवारों का प्रदर्शन
पठानकोट
Updated Mon, 30 Sep 2013 11:00 PM IST
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रणजीत सागर बांध परियोजना के विस्थापितों ने सोमवार को अपनी मांगों के लिए पर्सोनल कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यकारी अभियांता के कार्यालय को भी बंद कर दिया। विस्थापितों ने मांग की कि उन्हें नौकरी के नियुक्ति पत्र जल्द जारी किए जाएं।
प्रदर्शनकारियाें को संबोधित करते हुए आरएसडी औसती यूनियन के प्रधान डा. रमेश सिंह ने कहा कि विस्थापित 12 साल से रोजगार की मांग कर रहे हैं लेकिन बांध प्रशासन और सरकार ने विस्थापितों की तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बांध बनने से 1573 परिवार प्रभावित हुए हैं लेकिन अभी भी बहुत से विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि बहुत से विस्थापित परिवारों के दस्तावेज बांध प्रशासन के पास जांच के लिए दे दिए गए हैं। सही जांच होने पर भी कई परिवारों को आज तक रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालयों में बैठे लोग विस्थापितों के केसों को लटका रहे हैं।
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उन्होंने विजिलेंस से गुहार लगाई कि निष्पक्ष जांच करके प्रभावित परिवारों को रोजगार दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन महासचिव संजय अनोत्रा, दीपक वर्मा, प्रदीप कुमार, दीवान चंद, बबिता पतरालवां मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियाें को संबोधित करते हुए आरएसडी औसती यूनियन के प्रधान डा. रमेश सिंह ने कहा कि विस्थापित 12 साल से रोजगार की मांग कर रहे हैं लेकिन बांध प्रशासन और सरकार ने विस्थापितों की तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बांध बनने से 1573 परिवार प्रभावित हुए हैं लेकिन अभी भी बहुत से विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला है।
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उन्होंने बताया कि बहुत से विस्थापित परिवारों के दस्तावेज बांध प्रशासन के पास जांच के लिए दे दिए गए हैं। सही जांच होने पर भी कई परिवारों को आज तक रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालयों में बैठे लोग विस्थापितों के केसों को लटका रहे हैं।
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उन्होंने विजिलेंस से गुहार लगाई कि निष्पक्ष जांच करके प्रभावित परिवारों को रोजगार दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन महासचिव संजय अनोत्रा, दीपक वर्मा, प्रदीप कुमार, दीवान चंद, बबिता पतरालवां मौजूद रहे।