फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Protest Against Agnipath Scheme in Punjab 

Agnipath Scheme Protest: अग्निपथ के विरोध में लुधियाना रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़, जालंधर में सड़क पर उतरे युवा

Sat, 18 Jun 2022 12:12 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 18 Jun 2022 12:12 PM IST
सार

पुलिस ने स्टेशन पर तोड़फोड़ करने वाले 10 युवकों को हिरासत में भी लिया है। प्रदर्शनकारी ट्रेनों को आग लगाने की फिराक में थे। 
 

विज्ञापन
Protest Against Agnipath Scheme in Punjab 
लुधियाना में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ करने घुसते युवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के खिलाफ फैली हिंसक प्रदर्शन की आग ने शनिवार को पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना को भी अपनी चपेट में ले लिया। लुधियाना में उपद्रवियों ने रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस बल की आंखों के सामने सरकारी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाया। उपद्रवियों ने कई यात्रियों से मारपीट भी की, जिसके बाद यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते नजर आए। 

विज्ञापन


लाठी डंडे और पेट्रोल की बोतलों से लैस करीब 50 से 60 उपद्रवी शनिवार सुबह पौने ग्यारह बजे के करीब स्टेशन परिसर में दाखिल हुए थे। वह अंदर घुसते ही तोड़फोड़ करने लगे। उपद्रवियों ने स्टेशन परिसर में दाखिल होते ही प्लेटफार्म के एंट्री गेट, डिस्प्ले बोर्ड, बुक स्टाल, रिफ्रेशमेंट कैंटीन, सीएमआई ऑफिस, डिप्टी एसएस ऑफिस और सीएचआई के ऑफिस को निशाना बनाया तथा लाठी डंडे मारकर उनके दरवाजे, खिड़कियां और अंदर पड़ा सामान तोड़ दिया। 
विज्ञापन


उन्होने स्टेशन परिसर में लगे बेंच उखाड़कर पटरियों पर फेंक दिए और साइड लाइन पर खड़े 2 रेल इंजन तोड़ डाले। उपद्रवियों ने करीब आधे घंटे तक स्टेशन परिसर में जमकर उत्पात मचाया, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस कर्मी हालात पर काबू पाने में पूरी तरह से असफल नजर आए। उन्होने तोड़फोड़ जारी रखी और पूरे स्टेशन परिसर को बुरी तरह से तहस नहस कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अतिरिक्त पुलिस बल के आने पर वह पथराव करने लगे और जगरांव पुल की तरफ बने रोलिंग हट में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। पुलिस की ओर से बल प्रयोग करने पर वह पत्थरबाजी करते हुए पटरियों के रास्ते शाम नगर की तरफ भाग गए। हालांकि पुलिस ने पीछा करके कुछ उपद्रवियों को पकड़ लिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

आउटर सिग्नल पर आधे घंटे तक रुकी रही ट्रेनें

लुधियाना स्टेशन पर हालात खराब होने के कारण एतिहात के तौर पर ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। नई दिल्ली की तरफ से आ रही शताब्दी एक्सप्रेस को ढंडारी स्टेशन के पास रोका गया। वहीं अमतृसर और जम्मू की तरफ से रही ट्रेनें करीब आधे घंटे तक लाडोवाल, फिल्लौर और फगवाड़ा के पास खड़ी रहीं। अतिरिक्त पुलिस बल के आने और स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेनों को गंत्वय की ओर रवाना किया गया। 

ट्रेनों को पहुंचाना था नुकसान, आगे से खाली मिले प्लेटफार्म 

लुधियाना स्टेशन पर तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवी किसी ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। वह ज्वलनशील सामग्री से लैंस होकर आए थे। उनकी मंशा ट्रेनों को निशाना बनाने की थी, लेकिन हमले के समय प्लेटफार्म खाली थे और कोई भी ट्रेन मौजूद नहीं थी। हमला होने के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों ने समझदारी बरती और ट्रेनों को पीछे ही रूकवा दिया। ऐसे में उपद्रवी किसी ट्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा सके और जाते जाते रोलिंग हट को आग के हवाले कर गए।

पुलिस के सामने अंदर दाखिल हुए उपद्रवी

मुंह पर कपड़ा बांधे उपद्रवी अपने साथ लाठी डंडे और पेट्रोल लेकर एंट्री गेट के रास्ते ही स्टेशन परिसर में दाखिल हो गए और वहां पर तैनात पुलिस कर्मी उनको रोक नहीं पाए। उपद्रवियों की गिनती अधिक होने के कारण पुलिस कर्मी दहशत में आ गए और काफी देर तक मूकदर्शक बने रहे। जब तक अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस दौरान सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली आरपीएफ और जीआरपी भी हालात पर काबू पाने में पूरी तरह से असफल नजर आई। 

जालंधर में हजारों युवाओं ने पीएपी चौक पर किया प्रदर्शन 

अग्निपथ योजना के विरोध की आंच शनिवार को जालंधर भी पहुंच गई। अलग-अलग शहरों से आए हजारों युवाओं ने पीएपी चौक और नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया, जिस कारण सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। हालांकि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए कुछ ही देर बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। 





पीएपी चौक पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने कहा कि केंद्र सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। साथ ही सरकार ने सेना को भी मजाक ही बना दिया है। वह सेना में जाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और एकाएक सरकार नया फरमान जारी कर उनके सपनों पर पानी फेर रही है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। एक तो वैसे ही कोरोना के कारण दो साल तक सेना की भर्ती बंद रही और अब सरकार के फरमान ने सभी सेना में जाने वाले युवाओं के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। युवाओं ने कहा कि कोरोना से पहले सेना भर्ती का एक टेस्ट लिया गया था जिसका रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया। क्या अब सरकार 2 साल पहले ली गई परीक्षा में सफल होने वाले कैंडिडेट्स को नई अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किया जाएगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed