{"_id":"691ffb245326b5636e08d211","slug":"phagwara-lpu-organised-seminar-on-farmer-empowerment-in-village-hardo-farala-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Phagwara: गांव हरदो फराला में एलपीयू ने करवाया किसान सशक्तिकरण विषय पर सेमिनार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Phagwara: गांव हरदो फराला में एलपीयू ने करवाया किसान सशक्तिकरण विषय पर सेमिनार
Fri, 21 Nov 2025 11:10 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:10 AM IST
सार
डा. प्रवीण कुमारी ने किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और दूसरी मशीनरी जैसे उन्नत खेती के उपकरणों से खेती की पैदावार बढ़ाई जा सकती है और खर्च कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
किसान सशक्तिकरण पर जागरूकता सेमिनार आयोजित
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एलपीयू के सहयोग से टीम कोऑर्डिनेटर तेंडई मतिमाती की देखरेख में नजदीकी गांव हरदो फराला में सस्टेनेबल खेती के जरिए किसान सशक्तिकरण विषय पर एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया।
विज्ञापन
इवेंट का विषय सस्टेनेबल खेती के जरिए फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस था। कार्यक्रम के दौरान डा. प्रवीण कुमारी एओ ट्रेनिंग सेक्शन, डा. सोनू और रविंदर कौर एईओ जालंधर ईस्ट ने मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लिया।
विज्ञापन
डा. प्रवीण कुमारी ने किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और दूसरी मशीनरी जैसे उन्नत खेती के उपकरणों से खेती की पैदावार बढ़ाई जा सकती है और खर्च कम किया जा सकता है। उन्होंने खास तौर पर पंजाब ग्रीन ट्रैक्टर स्कीम का जिक्र किया, जिसमें 70 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है। उन्होंने फसल चक्र, इंटरक्रॉपिंग, मिट्टी संरक्षण और ड्रिप सिंचाई के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
विज्ञापन
डा. परवीन कुमारी ने कहा कि अगर किसान मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनाएं तो उनका प्रोडक्शन बढ़ेगा, खर्च कम होगा और खेती से जुड़े रिस्क भी कम होंगे। डा. सोनू ने सेशन के दौरान सरकारी स्कीमों और फाइनेंशियल मदद के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पंजाब ग्रीन ट्रैक्टर स्कीम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, लाइवस्टॉक कार्ड (खासकर महिला किसानों के लिए) के फायदे बताए और कहा कि ये स्कीम किसानों की आमदन बढ़ाने, रिस्क कम करने और फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने के लिए बनाई गई हैं।
डा. सोनू ने किसानों को परामर्श दिया कि वे पास के एग्रीकल्चर ऑफिस, सीएससी केन्द्र से संपर्क करें। ये सुविधाएं सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मिल सकती हैं। गुरविंदर कौर और रविंदर कौर ने अपने संबोधन में सस्टेनेबल और ऑर्गेनिक खेती के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर से मिट्टी की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट से केमिकल का इस्तेमाल कम होता है। सोलर एनर्जी से बिजली और डीजल का खर्च कम होता है। कोऑपरेटिव ग्रुप के साथ किसानों को मार्केट में बेहतर दाम मिलते हैं। स्पीकर्स ने किसानों को रिकॉर्ड कीपिंग, बजटिंग, इमरजेंसी सेविंग्स और फाइनेंशियल मैनेजमेंट टेक्नीक के बारे में भी जागरुक किया। एलपीयू की टीम ने सभी किसानों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया।
वहीं किसानों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रोग्राम गांवों और खेती के विकास के लिए बहुत मददगार होते हैं। आखिर में इस इवेंट के ऑर्गनाइज़र डा. अनूप, डा. शर्मा के अलावा टीम कोऑर्डिनेटर टेंडई मतिमाती, सदस्य टेंडई, मंजीत, खुशी और अरुण ने कहा कि खेती पर आधारित इस प्रोग्राम का उद्देश्य किसानों को खेती की आधुनिक तकनीक, सरकारी स्कीमों, पैसे की समझदारी और टिकाऊ खेती की तकनीक के बारे में जागरूक करना था। उन्होंने सहयोगियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सत्या देवी, कांता, जसविंदर, सतपाल के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।