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Stubble Burning in Punjab: फरीदकोट में किसानों ने पटवारी को बनाया बंधक, कहा-हमारे पास कोई विकल्प नहीं
Fri, 04 Nov 2022 01:35 PM IST
निवेदिता वर्मा
एएनआई, चंडीगढ़
एएनआई, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Nov 2022 01:35 PM IST
सार
फरीदकोट के तहसीलदार अनिल कुमार ने कहा कि हमारे नोडल अधिकारी ने पराली जलाने की रिपोर्ट दी। इसका पता लगाने के लिए पटवारी यहां आए थे। इस बात की भनक ग्रामीणों को लग गई और उन्होंने उसे बंधक बना लिया।
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फरीदकोट में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : ANI
विस्तार
फरीदकोट के गांव जीवनवाला में गुरुवार को किसानों द्वारा पराली अवशेषों को आग लगाए जाने के कारण सर्वे करने पहुंचे पटवारी को सुबह 9 बजे बंधक बना लिया गया। प्रशासन व किसानों के बीच बातचीत जारी है।
किसानों द्वारा पराली अवशेषों को लगाई जा रही आग की घटनाओं के चलते गुरुवार सुबह गांव जीवनवाला में जब किसानों द्वारा आग लगाई तो स्पॉट होने पर विभाग की ओर से पटवारी सुखदीप सिंह सोढी वहां पहुंचे और अपनी कार्रवाई करने लगे। इस पर किसान एकत्रित होने लगे और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। इसके अतिरिक्त किसान यूनियन के नेता व सदस्य भी वहां पहुंच गए और उन्होंने पटवारी को घेर कर वहां धरना शुरू कर दिया।
इसकी सूचना मिलने पर ब्लाक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह वहां पहुंचे। लेकिन किसानों का रोष देख कर सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार कोटकपूरा जय अमनदीप गोयल भी पहुंचे। इसके साथ ही डीएसपी कोटकपूरा भी वहां पहुंचे। इसके बावजूद किसानों ने पटवारी को नहीं छोड़ा और अपना धरना जारी रखा। किसान नेताओं ने अपनी मांगें माने जाने तक संघर्ष जारी रखने और पटवारी को न छोड़ने का निर्णय लिया।
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क्या हैं मांगें
किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उचित प्रबंध न होने के चलते ही किसान पराली अवशेषों को आग लगाने को मजबूर हैं लेकिन सरकार अपना कार्य सही करने के स्थान पर उनकी जमीनों को लाल लकीर में दर्ज करने की धमकी दे रही है। उन्होंने मांग उठाई कि आज आए पटवारी द्वारा दर्ज किए गए नामों सहित गत दिवस एक अन्य अधिकारी द्वारा गांव में इस संबंध में किए गए सर्वे को रद्द किया जाए तथा साथ ही आगे से ऐसा न करने तथा किसी भी किसान पर किसी भी तरह की कार्रवाई न किए जाने का भरोसा दिया जाए। उसके बाद ही पटवारी को छोड़ा जाएगा।
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किसानों द्वारा पराली अवशेषों को लगाई जा रही आग की घटनाओं के चलते गुरुवार सुबह गांव जीवनवाला में जब किसानों द्वारा आग लगाई तो स्पॉट होने पर विभाग की ओर से पटवारी सुखदीप सिंह सोढी वहां पहुंचे और अपनी कार्रवाई करने लगे। इस पर किसान एकत्रित होने लगे और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। इसके अतिरिक्त किसान यूनियन के नेता व सदस्य भी वहां पहुंच गए और उन्होंने पटवारी को घेर कर वहां धरना शुरू कर दिया।
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इसकी सूचना मिलने पर ब्लाक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह वहां पहुंचे। लेकिन किसानों का रोष देख कर सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार कोटकपूरा जय अमनदीप गोयल भी पहुंचे। इसके साथ ही डीएसपी कोटकपूरा भी वहां पहुंचे। इसके बावजूद किसानों ने पटवारी को नहीं छोड़ा और अपना धरना जारी रखा। किसान नेताओं ने अपनी मांगें माने जाने तक संघर्ष जारी रखने और पटवारी को न छोड़ने का निर्णय लिया।
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क्या हैं मांगें
किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उचित प्रबंध न होने के चलते ही किसान पराली अवशेषों को आग लगाने को मजबूर हैं लेकिन सरकार अपना कार्य सही करने के स्थान पर उनकी जमीनों को लाल लकीर में दर्ज करने की धमकी दे रही है। उन्होंने मांग उठाई कि आज आए पटवारी द्वारा दर्ज किए गए नामों सहित गत दिवस एक अन्य अधिकारी द्वारा गांव में इस संबंध में किए गए सर्वे को रद्द किया जाए तथा साथ ही आगे से ऐसा न करने तथा किसी भी किसान पर किसी भी तरह की कार्रवाई न किए जाने का भरोसा दिया जाए। उसके बाद ही पटवारी को छोड़ा जाएगा।