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लीडरशिप तक नहीं पहुंच रही लोगों की आवाज : डॉ. सिद्धू

Sat, 17 Apr 2021 11:19 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 11:19 PM IST
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Voice of people not reaching leadership: Dr. Sidhu
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिले में पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धूू व उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने लामबंदी शुरू कर दी है। शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने वादे पूरे न करने पर कैप्टन सरकार से लोगों की उम्मीदें टूटने की बात कही थी। वहीं शनिवार को डा. सिद्धू ने कहा कि आज पंजाब के लोगों की आवाज लीडरों तक नहीं पहुंच रही है। लीडरशिप व लोगों में काफी दूरी आ गई है। वह व उनकी टीम लोगों की आवाज बनेंगे।
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पटियाला में सिद्धू दंपती ने कांग्रेस पार्टी के बैनर तले ही लोगों से मिलना शुरू किया है, लेकिन सीएम के गढ़ में सिद्धू दंपती की सक्रियता से सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने पटियाला में मीडिया से मुखातिब होकर अपनी ही पार्टी की सरकार खिलाफ के आक्रामक तेवर दिखाए थे। वहीं शनिवार को उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने पटियाला में जाट महासभा के बैनर तले लोगों की समस्याएं सुनने के लिए दफ्तर खोल दिया। डॉ. सिद्धू ने जिस जगह दफ्तर का उद्घाटन किया, वह इलाका विधानसभा हलका पटियाला शहरी, सन्नौर और हलका पटियाला देहाती का केंद्र है।
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इस मौके पर पंजाब सरकार पर बात करते नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि सरकार स्तर पर बहुत बातें हो चुकी हैं, लेकिन सुनने व समझने वाला भी होना चाहिए। साथ ही कहा कि पिछले चार वर्षों से वह घर पर ही रहे और एक समाज सेवक के तौर पर लोगों के बीच जा रहे हैं। बेशक वह कांग्रेस के साथ हैं, लेकिन वह गलत लोगों का समर्थन नहीं करेंगे। जाट महासभा के बैनर तले प्रदेश के लोगों के साथ जुड़कर उनकी समस्याओं को हल कराया जाएगा।
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किसानी को मजबूत करने की भी जरूरत
डा. सिद्धू ने कहा कि खेती कानून रद्द कराने जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ ही पंजाब की किसानी को मजबूत करने की भी जरूरत है। इसलिए पंजाब सरकार को चाहिए कि बाहर से दालें व अन्य सामग्री मंगवाने के बजाय किसानों को सही मूल्य देकर पंजाब में ही विभिन्न तरह की खेती कराएं। अब समय आ गया है कि पंजाब के किसान व जवान जागरूक हों। किसान खेती के तरीकों में बदलाव लाएं व नौजवान विदेश जाने के बजाय खेतों की मिट्टी को ही और उपजाऊ बनाते हुए आधुनिक तकनीकों से खेती करके आर्थिकता को मजबूत करें।

अफीम की खेती पर हो विचार
उन्होंने कहा कि नशे के व्यापारियों ने रिवायती नशा अफीम बंद कराके के नौजवानों को सिंथेटिक नशे पर ला दिया है। सिंथेटिक नशे को खत्म करने के लिए पंजाब में अफीम की खेती होनी चाहिए। अब तो कनाडा व अमेरिका भी अफीम की मांग करने लगे हैं, इसलिए पंजाब में अफीम की खेती कराने पर विचार होना चाहिए।
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