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Patiala News: नौकरी का झांसा दे मामा-भांजा ने ४० लोगों से की ६५ लाख की ठगी
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। खुद को पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर का ड्राइवर बताकर डायरेक्टर के जरिये पीजीआई व पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नौकरियां लगवाने का झांसा देकर 65 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी के साथ इस पूरे रैकेट में उसका मामा भी शामिल था। थाना अनाज मंडी पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम खान निवासी गांव हसनपुर पुरोहतां, उसके मामा अवतारदीन निवासी गांव नंदपुर केसों व सुरेश शर्मा नाम के व्यक्ति को नामजद किया है। आरोपियों की ओर से सुरेश शर्मा को डायरेक्टर के तौर पर दिखाया गया था। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पटियाला के गांव हसनपुर पुरोहतां की महिला सरपंच के पति व मामले में शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह ने बताया कि सलीम खान उनके गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उस पर सभी गांव वालों ने आसानी से भरोसा कर लिया। ऊपर से जब भी गांव में छुट्टी पर आता था, तो बत्ती लगी अलग-अलग महंगी गाड़ियां लेकर आता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गाड़ियां सलीम खान को उसका मामा अवतारदीन मुहैया कराता था, जिससे गांव के लोग उससे प्रभावित हो सकें।
आरोपी ने कहा डायरेक्टर के बेटे की हो गई है है मौत, इसलिए युवाओं को नौकरियां दिला करना चाहते हैं अच्छा काम
शिकायतकर्ता ने बताया कि सलीम खान ने गांव वालों को यह बताकर झांसे में लिया कि वह पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर का ड्राइवर है। इनसे उसकी काफी अच्छी बनती है। आरोपी ने बताया कि डायरेक्टर के बेटे की मौत हो गई है, जिसके चलते वह नौजवानों को नौकरियां दिलाकर कुछ अच्छा काम करना चाहते हैं। आरोपी मामा-भांजा ने गांव के लोगों को पीजीआई व सरकारी राजिंदरा अस्पताल में क्लर्क, ड्राइवर व लिफ्ट आपरेटर की नौकरियां दिलाने का झांसा देकर गांव हसनपुर पुरोहतां के करीब 40 लोगों से 65 लाख रुपये ले लिए। मामले के जांच अधिकारी एएसआई मनदीप सिंह के मुताबिक आरोपी मामा-भांजा ने गांव के उन गरीब लोगों को भी नहीं छोड़ा, जो लोगों के घरों में काम करके गुजारा करते थे। उनसे भी उनके बच्चों को नौकरियां दिलाने का झांसा देकर डेढ़ से दो लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने लोगों से उनकी हैसियत के मुताबिक पैसे ठगे हैं, लेकिन बाद में न तो किसी को नौकरी लगवाया और ही पैसे वापस किए।
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आरोपी सलीम खान ने कोरोना काल में लोगों को जाल में फंसाया
मामले के शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह के मुताबिक आरोपी सलीम खान ने 2020 में कोरोना काल में लोगों को अपने झांसे में लिया। उस दौरान उसने गांव में लोगों के घरों में राशन के पैकेट बांटे। साथ ही धार्मिक स्थलों पर भी एसी व पानी की मोटर लगवाई, जिससे लोगों को लगा कि वह अच्छा इंसान है। उसके बाद उसने खुद को पीजीआई डायरेक्टर का ड्राइवर बताकर लोगों से पैसा ठगना शुरू कर दिया।
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पटियाला। खुद को पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर का ड्राइवर बताकर डायरेक्टर के जरिये पीजीआई व पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नौकरियां लगवाने का झांसा देकर 65 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी के साथ इस पूरे रैकेट में उसका मामा भी शामिल था। थाना अनाज मंडी पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम खान निवासी गांव हसनपुर पुरोहतां, उसके मामा अवतारदीन निवासी गांव नंदपुर केसों व सुरेश शर्मा नाम के व्यक्ति को नामजद किया है। आरोपियों की ओर से सुरेश शर्मा को डायरेक्टर के तौर पर दिखाया गया था। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पटियाला के गांव हसनपुर पुरोहतां की महिला सरपंच के पति व मामले में शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह ने बताया कि सलीम खान उनके गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उस पर सभी गांव वालों ने आसानी से भरोसा कर लिया। ऊपर से जब भी गांव में छुट्टी पर आता था, तो बत्ती लगी अलग-अलग महंगी गाड़ियां लेकर आता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गाड़ियां सलीम खान को उसका मामा अवतारदीन मुहैया कराता था, जिससे गांव के लोग उससे प्रभावित हो सकें।
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आरोपी ने कहा डायरेक्टर के बेटे की हो गई है है मौत, इसलिए युवाओं को नौकरियां दिला करना चाहते हैं अच्छा काम
शिकायतकर्ता ने बताया कि सलीम खान ने गांव वालों को यह बताकर झांसे में लिया कि वह पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर का ड्राइवर है। इनसे उसकी काफी अच्छी बनती है। आरोपी ने बताया कि डायरेक्टर के बेटे की मौत हो गई है, जिसके चलते वह नौजवानों को नौकरियां दिलाकर कुछ अच्छा काम करना चाहते हैं। आरोपी मामा-भांजा ने गांव के लोगों को पीजीआई व सरकारी राजिंदरा अस्पताल में क्लर्क, ड्राइवर व लिफ्ट आपरेटर की नौकरियां दिलाने का झांसा देकर गांव हसनपुर पुरोहतां के करीब 40 लोगों से 65 लाख रुपये ले लिए। मामले के जांच अधिकारी एएसआई मनदीप सिंह के मुताबिक आरोपी मामा-भांजा ने गांव के उन गरीब लोगों को भी नहीं छोड़ा, जो लोगों के घरों में काम करके गुजारा करते थे। उनसे भी उनके बच्चों को नौकरियां दिलाने का झांसा देकर डेढ़ से दो लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने लोगों से उनकी हैसियत के मुताबिक पैसे ठगे हैं, लेकिन बाद में न तो किसी को नौकरी लगवाया और ही पैसे वापस किए।
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आरोपी सलीम खान ने कोरोना काल में लोगों को जाल में फंसाया
मामले के शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह के मुताबिक आरोपी सलीम खान ने 2020 में कोरोना काल में लोगों को अपने झांसे में लिया। उस दौरान उसने गांव में लोगों के घरों में राशन के पैकेट बांटे। साथ ही धार्मिक स्थलों पर भी एसी व पानी की मोटर लगवाई, जिससे लोगों को लगा कि वह अच्छा इंसान है। उसके बाद उसने खुद को पीजीआई डायरेक्टर का ड्राइवर बताकर लोगों से पैसा ठगना शुरू कर दिया।