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कैप्टन के गढ़ में हंगामों से भरी रही सीएम चन्नी की पहली ही फेरी---
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पटियाला। कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की बुधवार को पहली ही फेरी हंगामों से भरी रही। चन्नी के पंजाबी यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल होते ही ईटीटी टेट पास बेरोजगार अध्यापकों से लेकर यूनिवर्सिटी के कच्चे मुलाजिमों व स्टूडेंट्स, कोरोना वालंटियरों, कालेजों के गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों ने बड़ी गिनती में इकट्ठे होकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस प्रशासन व प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त धक्का मुक्की की गई। जिसके बाद पुलिस को हालात पर काबू पाने व इन्हें खेदड़ने के लिए दर्जन भर को बस में डालकर ले जाना पड़ा। उनको सीएम के प्रोग्राम के बाद छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारियों के हंगामे के चलते यूनिवर्सिटी के गुरू तेग बहादुर हाल, जहां चन्नी का संबोधन था, वहां की सुरक्षा सीएम के पहुंचने से पहले ही कड़ी कर दी गई।
सीएम चन्नी के पीयू प्रोग्राम के चलते अपनी मांग उनके सामने रखने के लिए कई जत्थेबंदियों के नुमाइंदे बुधवार सुबह ही यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल हो गए। इधर वीसी आफिस के सामने ग्राउंड में सीएम गार्ड आफ आनर ले रहे थे उधर भारी संख्या में इकट्ठा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने की इजाजत न देने पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी जिनमें लड़कियां शामिल रहीं, वह भागकर चन्नी से केवल कुछ 20-25 मीटर की दूरी तक पहुंच गई। जिन्हें पुलिस मुलाजिमों द्वारा घसीट कर ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए करीब दर्जन भर बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों को बस में डाल कर वहां से ले गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा थमा नहीं, वह नारेबाजी करते रहे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के सामने विभिन्न मांगें रखने के लिए लक्खा सिधाना भी बुधवार को चन्नी के पहुंचने से पहले ही अपने साथियों समेत यूनिवर्सिटी पहुंच गया। लेकिन उसकी पहचान होते ही पुलिस हरकत में आई और उसको हिरासत में ले लिया। बाद में चन्नी के प्रोग्राम के बाद उसे रिहा किया गया। इस मौके लक्खा सिधाना ने कहा कि वह तो पंजाबी यूनिवर्सिटी की खराब वित्तीय स्थिति में सुधार, हास्टलों की खराब हालत व ऐलान के बावजूद रेत महंगे दामों में मिलने समेत पंजाब के नौजवानों को रोजगार देने संबंधी मांगों को लेकर चन्नी से मिलना चाहते थे। लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया, जो लोकतंत्र का हनन है।
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सीएम चन्नी यूनिवर्सिटी के गुरू तेग बहादुर हाल में समागम को संबोधित कर रहेे थे। जैसे ही चन्नी यूनिवर्सिटी के कर्जे सरकार द्वारा भरने और ग्रांट को दोगुनी करने का एलान करके हटे, तो वहां मौजूद स्टूडेंट्स ने खड़े होकर फीसों में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए इसे वापस लेने के लिए नारेबाजी करनी शुरू कर दी। शोर मचता देख वहां मौजूद पुलिस ने नारेबाजी कर रहे स्टूडेंट्स को अपने घेरे में ले लिया। चन्नी और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने इसके बाद तुरंत स्टेज छोड़कर चले गए।
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सीएम चन्नी के पीयू प्रोग्राम के चलते अपनी मांग उनके सामने रखने के लिए कई जत्थेबंदियों के नुमाइंदे बुधवार सुबह ही यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल हो गए। इधर वीसी आफिस के सामने ग्राउंड में सीएम गार्ड आफ आनर ले रहे थे उधर भारी संख्या में इकट्ठा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने की इजाजत न देने पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी जिनमें लड़कियां शामिल रहीं, वह भागकर चन्नी से केवल कुछ 20-25 मीटर की दूरी तक पहुंच गई। जिन्हें पुलिस मुलाजिमों द्वारा घसीट कर ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए करीब दर्जन भर बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों को बस में डाल कर वहां से ले गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा थमा नहीं, वह नारेबाजी करते रहे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
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सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के सामने विभिन्न मांगें रखने के लिए लक्खा सिधाना भी बुधवार को चन्नी के पहुंचने से पहले ही अपने साथियों समेत यूनिवर्सिटी पहुंच गया। लेकिन उसकी पहचान होते ही पुलिस हरकत में आई और उसको हिरासत में ले लिया। बाद में चन्नी के प्रोग्राम के बाद उसे रिहा किया गया। इस मौके लक्खा सिधाना ने कहा कि वह तो पंजाबी यूनिवर्सिटी की खराब वित्तीय स्थिति में सुधार, हास्टलों की खराब हालत व ऐलान के बावजूद रेत महंगे दामों में मिलने समेत पंजाब के नौजवानों को रोजगार देने संबंधी मांगों को लेकर चन्नी से मिलना चाहते थे। लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया, जो लोकतंत्र का हनन है।
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सीएम चन्नी यूनिवर्सिटी के गुरू तेग बहादुर हाल में समागम को संबोधित कर रहेे थे। जैसे ही चन्नी यूनिवर्सिटी के कर्जे सरकार द्वारा भरने और ग्रांट को दोगुनी करने का एलान करके हटे, तो वहां मौजूद स्टूडेंट्स ने खड़े होकर फीसों में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए इसे वापस लेने के लिए नारेबाजी करनी शुरू कर दी। शोर मचता देख वहां मौजूद पुलिस ने नारेबाजी कर रहे स्टूडेंट्स को अपने घेरे में ले लिया। चन्नी और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने इसके बाद तुरंत स्टेज छोड़कर चले गए।