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सतलुज उफनाई, चार गांवों से पलायन शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Mon, 20 Jul 2015 10:03 PM IST
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पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कुछ दिन से रुक-रुक हो रही मूसलाधार बारिश से सतलुज दरिया में जलस्तर बढ़ गया है। इससे दरिया के किनारे बसे लोग सहमे हैं। वहीं धर्मकोट सब डिवीजन के अंतर्गत धुस्सी बांध के आसपास बसे चार गांव पानी में घिर गए हैं। तकरीबन 900 एकड़ धान और चारे की फसल डूब गई है। पानी में डूबे गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने लगे हैं।
जिले की धर्मकोट सब डिवीजन के अंतर्गत सतलुज दरिया के धुस्सी के बांध अंदर बसे चार गांव काम्बो खुर्द, मेहरूवाला, संघेड़ा और परालीवाला पानी में घिर गए हैं। इसके अलावा गांव शेरपुर तायबा, भैनी, शेरेवाला, दौलेवाला, फतेहपुर झुग्गिया के किसानों की तकरीबन 900 से अधिक एकड़ धान एवं चारे की फसल भी डूब गई है।
गांव भैनी के किसान बसंत सिंह, कुलवंत सिंह और मुखत्यार सिंह, गांव संघेड़ा के सरपंच सरूप सिंह, गांव काम्बो खुर्द के सरपंच बचित्तर सिंह ने बताया कि पानी का स्तर बढ़ने के कारण फसल डूब गई हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे पानी के कारण लोगों में घबराहट के अलावा मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इन लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और ड्रेनेज विभाग ने बाढ़ के संभावित खतरे के मद्देनजर ठोस प्रबंध नहीं किए।
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एसडीएम धर्मकोट हरदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह चौकस है और बाढ़ के मद्देनजर ठोस प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रोपड़ हेड वर्क्स से पानी कम कर दिया गया है। ड्रेनेज विभाग के एसडीओ जगरूप सिंह घोलिया ने बताया कि दरिया में पीछे से पानी छोड़ने कारण एक दिन पहले पानी का स्तर 31 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। सोमवार को जलस्तर घटकर 18 हजार क्यूसेक रह गया है।
डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल ने बताया कि जिला हेडक्वार्टर पर बाढ़ कंट्रोल रूम (टेलीफोन नंबर 01636 -235206) स्थापित किया गया है। सब डिवीजन धर्मकोट में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 01682 -220141 है। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी तरह चौकस है।
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहगढ़ पंजतूर, आदर्श सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खंबा और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल किशनपुरा कलां का राहत कैंपों के लिए चयन किया गया है। इसके अलावा नई दाना मंडी मोगा और निगम मोगा में भी राहत कैंप स्थापित करने की योजना है। अधिकारियों को तिरपाल, खाने पीने की वस्तुएं आदि का पर्याप्त प्रबंध करने की हिदायतें दीं गई हैं।
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जिले की धर्मकोट सब डिवीजन के अंतर्गत सतलुज दरिया के धुस्सी के बांध अंदर बसे चार गांव काम्बो खुर्द, मेहरूवाला, संघेड़ा और परालीवाला पानी में घिर गए हैं। इसके अलावा गांव शेरपुर तायबा, भैनी, शेरेवाला, दौलेवाला, फतेहपुर झुग्गिया के किसानों की तकरीबन 900 से अधिक एकड़ धान एवं चारे की फसल भी डूब गई है।
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गांव भैनी के किसान बसंत सिंह, कुलवंत सिंह और मुखत्यार सिंह, गांव संघेड़ा के सरपंच सरूप सिंह, गांव काम्बो खुर्द के सरपंच बचित्तर सिंह ने बताया कि पानी का स्तर बढ़ने के कारण फसल डूब गई हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे पानी के कारण लोगों में घबराहट के अलावा मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इन लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और ड्रेनेज विभाग ने बाढ़ के संभावित खतरे के मद्देनजर ठोस प्रबंध नहीं किए।
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एसडीएम धर्मकोट हरदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह चौकस है और बाढ़ के मद्देनजर ठोस प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रोपड़ हेड वर्क्स से पानी कम कर दिया गया है। ड्रेनेज विभाग के एसडीओ जगरूप सिंह घोलिया ने बताया कि दरिया में पीछे से पानी छोड़ने कारण एक दिन पहले पानी का स्तर 31 हजार क्यूसेक पहुंच गया था। सोमवार को जलस्तर घटकर 18 हजार क्यूसेक रह गया है।
डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल ने बताया कि जिला हेडक्वार्टर पर बाढ़ कंट्रोल रूम (टेलीफोन नंबर 01636 -235206) स्थापित किया गया है। सब डिवीजन धर्मकोट में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 01682 -220141 है। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी तरह चौकस है।
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहगढ़ पंजतूर, आदर्श सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खंबा और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल किशनपुरा कलां का राहत कैंपों के लिए चयन किया गया है। इसके अलावा नई दाना मंडी मोगा और निगम मोगा में भी राहत कैंप स्थापित करने की योजना है। अधिकारियों को तिरपाल, खाने पीने की वस्तुएं आदि का पर्याप्त प्रबंध करने की हिदायतें दीं गई हैं।