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सीवर लाइन में लीकेज से घरों में आईं दरारें, मौत के साये में जी रहे कई परिवार
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Sat, 17 Sep 2016 03:03 PM IST
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सुनाम के मोहल्ला कानूगो में मकानों में दरार आने पर इस तरह से लकड़ी के पिलर लगाए गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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यहां के पुराने कानूगो मोहल्ले में लोग मौत के साये में जीने को विवश हो रहे हैं। मोहल्ला निवासियों का दावा है कि पानी अथवा सीवरेज पाइप लाइनों में लीकेज के कारण उनके घरों में पिछले एक माह से बड़ी दरारें पड़ रही हैं।
हालात इस कद्र नाजुक बन गए हैं कि दीवारें, साथ छोड़ रही हैं और छतें झुकने लगी हैं। छतों को सहारा देकर खड़ा रखने की कोशिश की जा रही है और घरों पर मंडराते खतरे के मद्देनजर लोग, रात को पड़ोसियों के घरों में सोते हैं।
कानूगो मोहल्ले के करीब डेढ़ दर्जन घरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। घरों के हरेक कोने में बड़ी दरारें बंशिदों को भयभीत कर रही हैं। फर्श तक भी दरारों की चपेट में आ गए हैं। भगत राम, जतिंदर सैनी, राम पाल सैनी आदि ने कहा कि उनके मकान किसी भी वक्त गिर सकते हैं। घरों में दाखिल होना खतरे से खाली नहीं है।
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लोगों ने छतों को लकड़ी के बड़े पिलरों का अस्थायी सहारा दिया है। यहां की परमजीत कौर, गुरदियाल कौर आदि ने कहा कि रात को वे दूसरे मोहल्लों में जाकर लोगों के घरों में सोते हैं और घरों का सामान भी समेट लिया है। करीब दो माह पहले मामूली दरारें आनी शुरू हुईं थीं। पिछले तीन सप्ताह के भीतर तो सब कुछ बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए।
नगर काउंसिल के अध्यक्ष भागीरथ राय ने कहा कि उक्त मोहल्ले में सीवरेज की नई पाइप लाइनें डालने के बाद अब यहां वाटर सप्लाई प्रणाली की भी नई लाइनें बिछाई जाएंगी। समस्या को जड़ से खत्म करके लोगों को सुरक्षित माहौल देंगे।
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हालात इस कद्र नाजुक बन गए हैं कि दीवारें, साथ छोड़ रही हैं और छतें झुकने लगी हैं। छतों को सहारा देकर खड़ा रखने की कोशिश की जा रही है और घरों पर मंडराते खतरे के मद्देनजर लोग, रात को पड़ोसियों के घरों में सोते हैं।
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कानूगो मोहल्ले के करीब डेढ़ दर्जन घरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। घरों के हरेक कोने में बड़ी दरारें बंशिदों को भयभीत कर रही हैं। फर्श तक भी दरारों की चपेट में आ गए हैं। भगत राम, जतिंदर सैनी, राम पाल सैनी आदि ने कहा कि उनके मकान किसी भी वक्त गिर सकते हैं। घरों में दाखिल होना खतरे से खाली नहीं है।
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लोगों ने छतों को लकड़ी के बड़े पिलरों का अस्थायी सहारा दिया है। यहां की परमजीत कौर, गुरदियाल कौर आदि ने कहा कि रात को वे दूसरे मोहल्लों में जाकर लोगों के घरों में सोते हैं और घरों का सामान भी समेट लिया है। करीब दो माह पहले मामूली दरारें आनी शुरू हुईं थीं। पिछले तीन सप्ताह के भीतर तो सब कुछ बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए।
नगर काउंसिल के अध्यक्ष भागीरथ राय ने कहा कि उक्त मोहल्ले में सीवरेज की नई पाइप लाइनें डालने के बाद अब यहां वाटर सप्लाई प्रणाली की भी नई लाइनें बिछाई जाएंगी। समस्या को जड़ से खत्म करके लोगों को सुरक्षित माहौल देंगे।