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Patiala News: पंजाब में फिर जली पराली, 12 नए मामले दर्ज
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लुधियाना का सबसे अधिक 174 रहा एक्यूआई, मंडी गोबिंदगढ़ का 159 और पटियाला का 103 रहा
आज के ही दिन साल 2022, 2023 में नहीं जली थी पराली
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में पराली जलने का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को 12 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों की गिनती 93 हो गई है। खास बात यह है कि बीते साल अब तक पराली जलाने के केवल 8 मामले ही हुए थे। अमृतसर जिला पराली जलाने में लगातार नंबर वन पर चल रहा है। बुधवार को भी अमृतसर से ही सबसे अधिक तीन मामले सामने आए। जिसके बाद अमृतसर में पराली जलाने के मामले बढ़कर 52 हो गए। उधर लुधियाना का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) जो मंगलवार को 143 था, वह बुधवार को बढ़कर 174 पर पहुंच गया। वहीं मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 159, पटियाला का 103, अमृतसर का 93, बठिंडा का 77, जालंधर का 69 और खन्ना का 99 दर्ज किया गया। 101 से 200 के बीच रहने वाला एक्यूआई मध्यम श्रेणी में माना जाता है। लेकिन डाक्टरों के मुताबिक इस एक्यूआई में भी फेफड़ों, अस्थमा व दिल के रोगों से पीडित लोगों को सांस लेने में समस्या हो सकती है।
पंजाब में बुधवार को सामने आए पराली जलाने के कुल 12 मामलों में से तीन अमृतसर से रहे, जबकि 1-1 जिला फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, रूपनगर, संगरूर व तरनतारन से रहा। दो मामले जिला एसएएस नगर से सामने आए। खास बात है कि साल 2022 व 2023 में आज के ही दिन पंजाब में कहीं भी पराली नहीं जली थी। पंजाब में पराली जलाने के कुल मामले 93 हो गए हैं, जबकि 2023 में इस समय तक केवल 8 मामले और 2022 में 139 मामले हुए थे। लगातार पराली जलने से पंजाब सरकार के दावों की पोल खुल गई है। सरकार ने एनजीटी को संशोधित एक्शन प्लान भेजकर 2024 में पराली जलने पर पूरी तरह से रोकथाम लगाने के दावे किए थे।
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आज के ही दिन साल 2022, 2023 में नहीं जली थी पराली
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में पराली जलने का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को 12 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों की गिनती 93 हो गई है। खास बात यह है कि बीते साल अब तक पराली जलाने के केवल 8 मामले ही हुए थे। अमृतसर जिला पराली जलाने में लगातार नंबर वन पर चल रहा है। बुधवार को भी अमृतसर से ही सबसे अधिक तीन मामले सामने आए। जिसके बाद अमृतसर में पराली जलाने के मामले बढ़कर 52 हो गए। उधर लुधियाना का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) जो मंगलवार को 143 था, वह बुधवार को बढ़कर 174 पर पहुंच गया। वहीं मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 159, पटियाला का 103, अमृतसर का 93, बठिंडा का 77, जालंधर का 69 और खन्ना का 99 दर्ज किया गया। 101 से 200 के बीच रहने वाला एक्यूआई मध्यम श्रेणी में माना जाता है। लेकिन डाक्टरों के मुताबिक इस एक्यूआई में भी फेफड़ों, अस्थमा व दिल के रोगों से पीडित लोगों को सांस लेने में समस्या हो सकती है।
पंजाब में बुधवार को सामने आए पराली जलाने के कुल 12 मामलों में से तीन अमृतसर से रहे, जबकि 1-1 जिला फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, रूपनगर, संगरूर व तरनतारन से रहा। दो मामले जिला एसएएस नगर से सामने आए। खास बात है कि साल 2022 व 2023 में आज के ही दिन पंजाब में कहीं भी पराली नहीं जली थी। पंजाब में पराली जलाने के कुल मामले 93 हो गए हैं, जबकि 2023 में इस समय तक केवल 8 मामले और 2022 में 139 मामले हुए थे। लगातार पराली जलने से पंजाब सरकार के दावों की पोल खुल गई है। सरकार ने एनजीटी को संशोधित एक्शन प्लान भेजकर 2024 में पराली जलने पर पूरी तरह से रोकथाम लगाने के दावे किए थे।
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