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Kisan Andolan: दिल्ली कूच के लिए नहीं खुला रास्ता, हरियाणा ने लगाया अड़ंगा, शंभू बॉर्डर पर धारा 144 लागू
Wed, 04 Dec 2024 06:54 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 04 Dec 2024 06:54 PM IST
सार
एक तरफ शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं दूसरी तरफ बुधवार को अंबाला पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर धारा-144 लागू कर दी है। किसानों के दिल्ली मार्च से ठीक दो दिन पहले अंबाला पुलिस ने यह आदेश जारी करते हुए शंभू बॉर्डर पर नोटिस भी चस्पा किया है।
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शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर धारा 144 लागू कर दी गई है। हरियाणा के अंबाला पुलिस ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। शंभू बॉर्डर बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हैं, जो छह दिसंबर को दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू करेंगे। किसानों को दिल्ली जाने के लिए शंभू बॉर्डर अभी नहीं खोला गया है। इससे दो दिन पहले ही अंबाला पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर धारा 144 लागू कर दी है। अंबाला पुलिस प्रशासन की तरफ से शंभू बॉर्डर पर धारा 144 लागू किए जाने का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) शहीद भगत सिंह किसान मोर्चा के प्रवक्ता तेजवीर सिंह पजोखरा साहिब ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं कि हमने पहले भी कहा था कि पंजाब की भगवंत मान सरकार केंद्र की भाजपा सरकार की गुलाम है। इसका सबूत आज फिर मिला है। क्योंकि शंभू मोर्चा पर धारा 144 का नोटिस हरियाणा सरकार के कर्मचारी चिपका गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब में केंद्र का कब्जा हो चुका है।
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इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) शहीद भगत सिंह किसान मोर्चा के प्रवक्ता तेजवीर सिंह पजोखरा साहिब ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं कि हमने पहले भी कहा था कि पंजाब की भगवंत मान सरकार केंद्र की भाजपा सरकार की गुलाम है। इसका सबूत आज फिर मिला है। क्योंकि शंभू मोर्चा पर धारा 144 का नोटिस हरियाणा सरकार के कर्मचारी चिपका गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब में केंद्र का कब्जा हो चुका है।
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किसानों को लेनी होगी दिल्ली पुलिस की अनुमति
किसानों के दिल्ली कूच में अब लगभग एक दिन शेष है, लेकिन किसानों के पैदल जत्थों को जाने देने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से अब तक शंभू बॉर्डर खोला नहीं गया है। ऊपर से हरियाणा की तरफ से किसानों के दिल्ली कूच में अड़ंगा लगाया गया है। बुधवार को अंबाला के डीसी ने किसान नेता सरवन सिंह पंधेर को पत्र लिखकर विरोध प्रदर्शन करने व पैदल कूच के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने को कहा गया है। पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि अनुमति प्राप्त होने के बाद ही आगामी कार्यवाही करें अन्यथा दिल्ली कूच को रद किया जाए। हालांकि पंधेर का कहना है कि हर हाल में दिल्ली कूच किया जाएगा। किसान हर प्रकार का अत्याचार सहने के लिए तैयार हैं। हरियाणा व केंद्र के जबर का जवाब सब्र के साथ दिया जाएगा। लेकिन अगर सरकार चाहती है कि किसान दिल्ली न जाएं, तो फिर किसानों की मांगों का तुरंत हल कर दे। पंधेर ने अंबाला के डीसी की ओर से लिखे पत्र के बारे में कहा कि इससे केंद्र सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो जाता है। केंद्र के मंत्री कहते थे कि अगर किसानों को अपनी बात रखनी है तो पैदल दिल्ली आएं। अब पैदल जाने में भी सरकार अडंगा लगा रही है।
किसानों के दिल्ली कूच में अब लगभग एक दिन शेष है, लेकिन किसानों के पैदल जत्थों को जाने देने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से अब तक शंभू बॉर्डर खोला नहीं गया है। ऊपर से हरियाणा की तरफ से किसानों के दिल्ली कूच में अड़ंगा लगाया गया है। बुधवार को अंबाला के डीसी ने किसान नेता सरवन सिंह पंधेर को पत्र लिखकर विरोध प्रदर्शन करने व पैदल कूच के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने को कहा गया है। पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि अनुमति प्राप्त होने के बाद ही आगामी कार्यवाही करें अन्यथा दिल्ली कूच को रद किया जाए। हालांकि पंधेर का कहना है कि हर हाल में दिल्ली कूच किया जाएगा। किसान हर प्रकार का अत्याचार सहने के लिए तैयार हैं। हरियाणा व केंद्र के जबर का जवाब सब्र के साथ दिया जाएगा। लेकिन अगर सरकार चाहती है कि किसान दिल्ली न जाएं, तो फिर किसानों की मांगों का तुरंत हल कर दे। पंधेर ने अंबाला के डीसी की ओर से लिखे पत्र के बारे में कहा कि इससे केंद्र सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो जाता है। केंद्र के मंत्री कहते थे कि अगर किसानों को अपनी बात रखनी है तो पैदल दिल्ली आएं। अब पैदल जाने में भी सरकार अडंगा लगा रही है।