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रूटों के परमिट सरेंडर करने के खिलाफ खुला मोर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 23 May 2014 09:51 PM IST
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पीआरटीसी की विभिन्न कर्मचारी जत्थेबंदियों आजाद, एटक, इंटक, कर्मचारी दल, सीटू और एससीबीसी की ओर से संयुक्त रूप से बनाई गई पीआरटीसी और वर्कर्स बचाओ संघर्ष कमेटी की ओर से शुक्रवार को बस स्टैंड के दोनों गेट बंद करके बत्तियों वाला चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जत्थेबंदियों ने एतराज जताया कि मैनेजमेंट की ओर से बादल परिवार की प्राइवेट ट्रांसपोर्ट को फायदा पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में रूटों के परमिट सरेंडर किए जा रहे हैं। पीआरटीसी मैनेजमेंट अपना यह फैसला वापस ले।
बाद दोपहर करीब पौने तीन बजे पीआरटीसी की विभिन्न जत्थेबंदियों ने मिलकर बस स्टैंड के मेन गेट के अलावा दूसरा गेट भी बंद करके पास के बत्तियों वाला चौक में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। करीब पौने घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। कर्मचारी नेता बब्बू शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से नौजवानों को नौकरियां उपलब्ध कराने के बजाय पीआरटीसी मैनेजमेंट के साथ मिलकर कारपोरेशन को खत्म करने की साजिशें रची जा रही हैं। क्योंकि बादल परिवार की अपनी बसें पीआरटीसी रूटों पर नाजायज ढंग से चल रही हैं।
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बादल परिवार की बसों को मुनाफे पहुंचाने के लिए सरकार की शह पर कारपोरेशन अब बड़ी संख्या में रूटों के परमिट सरेंडर करने जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। यही नहीं स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन, स्वतंत्रता सेनानियों और कैंसर के मरीजों के लिए मुफ्त सफर की सुविधा खत्म की जा रही है। अल्टीमेटम दिया गया कि अगर रूटों के परमिट सरेंडर किए गए, तो पीआरटीसी में अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम करके मुकम्मल हड़ताल की जाएगी।
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इस मौके पर सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जत्थेबंदियों ने एतराज जताया कि मैनेजमेंट की ओर से बादल परिवार की प्राइवेट ट्रांसपोर्ट को फायदा पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में रूटों के परमिट सरेंडर किए जा रहे हैं। पीआरटीसी मैनेजमेंट अपना यह फैसला वापस ले।
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बाद दोपहर करीब पौने तीन बजे पीआरटीसी की विभिन्न जत्थेबंदियों ने मिलकर बस स्टैंड के मेन गेट के अलावा दूसरा गेट भी बंद करके पास के बत्तियों वाला चौक में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। करीब पौने घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। कर्मचारी नेता बब्बू शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से नौजवानों को नौकरियां उपलब्ध कराने के बजाय पीआरटीसी मैनेजमेंट के साथ मिलकर कारपोरेशन को खत्म करने की साजिशें रची जा रही हैं। क्योंकि बादल परिवार की अपनी बसें पीआरटीसी रूटों पर नाजायज ढंग से चल रही हैं।
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बादल परिवार की बसों को मुनाफे पहुंचाने के लिए सरकार की शह पर कारपोरेशन अब बड़ी संख्या में रूटों के परमिट सरेंडर करने जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। यही नहीं स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन, स्वतंत्रता सेनानियों और कैंसर के मरीजों के लिए मुफ्त सफर की सुविधा खत्म की जा रही है। अल्टीमेटम दिया गया कि अगर रूटों के परमिट सरेंडर किए गए, तो पीआरटीसी में अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम करके मुकम्मल हड़ताल की जाएगी।