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महिला दिवस: कभी लकड़ी के धनुष से किया अभ्यास, आज गगनदीप कौर रच रहीं इतिहास

Tue, 08 Mar 2022 12:19 AM IST
ajay kumar रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 08 Mar 2022 12:19 AM IST
सार

गगनदीप कौर कहती हैं कि स्कूलों में ही हर बच्चे के लिए गेम अनिवार्य बनाया जाए, ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों के क्षेत्र में और अच्छा प्रदर्शन कर सके।

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Read the success story of archer Gagandeep Kaur on Women Day
तीरंदाज गगनदीप कौर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की जानी मानी तीरंदाज गगनदीप कौर ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया है कि अगर कुछ पाने का जुनून हो तो फिर कुछ असंभव नहीं है। अमेरिका में 2011 में हुए वर्ल्डकप में सिल्वर और उसी साल चीन में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली गगनदीप कौर ने बताया कि पिता जसवीर सिंह फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) में तीसरा दर्जा मुलाजिम थे। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि तीरंदाजी के अभ्यास के लिए उपकरण खरीद सकूं। शुरुआत में लकड़ी से बने धनुष के साथ ही अभ्यास शुरू किया। हालांकि बाद में पंजाबी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने पर वहां के खेल विभाग की ओर से उन्हें उपकरण मुहैया कराए गए। 

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गगनदीप कौर बताती हैं कि तीरंदाजी के उपकरण की कीमत इस समय करीब तीन लाख रुपये है। उनके परिवार का खेल क्षेत्र से कोई नाता नहीं था। दसवीं में वह अपनी कक्षा की लड़कियों के साथ पटियाला के पोलो ग्राउंड में यूं ही खेलने जाती थी। वहां खिलाड़ियों को तीरंदाजी करते देखा तो इसे सीखना शुरू कर दिया। बाद में यही उनकी जिंदगी का लक्ष्य बन गया। पिता जसवीर सिंह व मां गुरदीप कौर ने पूरा सहयोग देते हुए आगे बढ़ने के लिए हौसला अफजाई की।
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स्कूल स्तर पर हर बच्चे के लिए अनिवार्य हो खेल
गगनदीप कौर कहती हैं कि स्कूलों में ही हर बच्चे के लिए गेम अनिवार्य बनाया जाए, ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों के क्षेत्र में और अच्छा प्रदर्शन कर सके। साथ ही जोर दिया कि हरियाणा की तर्ज पर पंजाब में भी खिलाड़ियों को बेहतर स्कालरशिप व नौकरियां दी जाएं। पटियाला में ही पीएलडब्ल्यू में नौकरी कर रहीं गगनदीप कौर कहती हैं कि शादी के बाद ससुराल परिवार में पति सुरिंदर सिंह रंधावा, जो उनके वर्तमान में आर्चरी के कोच भी हैं, समेत सास-ससुर से पूरा सहयोग मिल रहा है।
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उपलब्धियां
गगनदीप कौर ने मई 2011 में बांग्लादेश के ढाका में हुए एशियन ग्रैंड प्रिक्स में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। इससे पहले मार्च 2010 में मलेशिया में आयोजित एशियन ग्रैंड प्रिक्स में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 2011 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। तीरंदाजी के साथ-साथ गगनदीप कौर पिस्टल शूटिंग गेम भी खेलती हैं। वह इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए इन दिनों अभ्यास कर रही हैं। 

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