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कलाकारों के प्रदर्शन ने मोहा सबका मन
पटियाला
Updated Tue, 28 Feb 2017 03:04 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में शुरू हुए इंटर जोनल लोक मेले में लोक नाच पेश करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के सभ्याचारक विरसे की नुमाइंदगी का प्रतीक दो दिवसीय पंजाबी यूनिवर्सिटी इंटर जोनल लोक मेला यूनिवर्सिटी के गुरु तेग बहादुर हॉल में शुरू हो गया। इसमें कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। इसका उद्घाटन वीसी डा. जसपाल सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि पंजाबी विरसे की विभिन्न विधाओं को प्रफुल्लित करने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से समय-समय योग्य कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मेलों का आयोजन करना भी यूनिवर्सिटी के ऐसे ही मिशन का एक हिस्सा है। इस मौके पर वीसी की ओर से आए मेहमानों को सम्मान चिह्न देकर नवाजा गया।
विशेष मेहमान पीयू के डीन अकादमिक मामले डा. गुरनाम सिंह ने नौजवान पीढ़ी को अपील की कि वह लोक विरासत को बचाने के लिए अपना योगदान डालें। पंजाबी अकादमी दिल्ली के सचिव गुरभेज सिंह गुराइया ने कहा कि नौजवान वर्ग को अपने सभ्याचारक विरसे के साथ जोड़ने के लिए ऐसे मेले होते रहने चाहिए। इस मौके पर डिप्टी सचिव संगीत नाटक अकादमी डा. सुमन कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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युवक भलाई विभाग के इंचार्ज डा. गुरसेवक सिंह लंबी ने बताया कि मेला छह जगहों पर चल रहा है। मेले में दो दिन 36 आइटमों के मुकाबलों में 5000 से ज्यादा स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। इस मौके पर विभाग की ओर से प्रकाशित नई नियमावली को भी रिलीज किया गया।
मेले के पहले दिन सम्मी, रिवायती पहरावा प्रदर्शनी, लोक साज, मलवई गिद्दा, रिवायती लोक गीत, कढ़ाई, पखी बुनना, क्रोशिए की बुनती, परांदा बनाना, गुड्डियां पटोले बनाना, लून मियानी, पिट्ठू, रस्साकशी, नुक्कड़ नाटक और पंजाबी लोकधारा व सभ्याचारक क्विज के मुकाबले कराए गए।
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उन्होंने कहा कि पंजाबी विरसे की विभिन्न विधाओं को प्रफुल्लित करने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से समय-समय योग्य कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मेलों का आयोजन करना भी यूनिवर्सिटी के ऐसे ही मिशन का एक हिस्सा है। इस मौके पर वीसी की ओर से आए मेहमानों को सम्मान चिह्न देकर नवाजा गया।
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विशेष मेहमान पीयू के डीन अकादमिक मामले डा. गुरनाम सिंह ने नौजवान पीढ़ी को अपील की कि वह लोक विरासत को बचाने के लिए अपना योगदान डालें। पंजाबी अकादमी दिल्ली के सचिव गुरभेज सिंह गुराइया ने कहा कि नौजवान वर्ग को अपने सभ्याचारक विरसे के साथ जोड़ने के लिए ऐसे मेले होते रहने चाहिए। इस मौके पर डिप्टी सचिव संगीत नाटक अकादमी डा. सुमन कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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युवक भलाई विभाग के इंचार्ज डा. गुरसेवक सिंह लंबी ने बताया कि मेला छह जगहों पर चल रहा है। मेले में दो दिन 36 आइटमों के मुकाबलों में 5000 से ज्यादा स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। इस मौके पर विभाग की ओर से प्रकाशित नई नियमावली को भी रिलीज किया गया।
मेले के पहले दिन सम्मी, रिवायती पहरावा प्रदर्शनी, लोक साज, मलवई गिद्दा, रिवायती लोक गीत, कढ़ाई, पखी बुनना, क्रोशिए की बुनती, परांदा बनाना, गुड्डियां पटोले बनाना, लून मियानी, पिट्ठू, रस्साकशी, नुक्कड़ नाटक और पंजाबी लोकधारा व सभ्याचारक क्विज के मुकाबले कराए गए।