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पीयू में धरने के कारण पचास से अधिक परीक्षाएं रद्द
अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 22 May 2014 10:36 PM IST
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पंजाबी यूनिवर्सिटी में लड़कियों के हॉस्टल में पीने वाले पानी की सप्लाई न होने व अन्य मांगों को लेकर छात्रों ने वीरवार को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट को पूरा दिन बंद रखकर जोरदार धरना दिया।
धरने की वजह से यूनिवर्सिटी में होने वाली 50 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इनमें एमए, एमएसई, बीटेक इंजीनियरिंग, ऑनर्स स्कूल, लॉ आदि की परीक्षाएं शामिल हैं। दोपहर को आप से नवनिर्वाचित सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी भी धरने में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों को जल्द से जल्द उनकी समस्याएं हल कराने का आश्वासन दिया।
आंदोलनकारी छात्राओं ने बताया कि अमृता शेरगिल हॉस्टल में कई दिन से पीने के पानी की समस्या है। वार्डन को कई बार शिकायत दी, लेकिन हल नहीं निकला। बुधवार रात को छात्राएं वीसी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गईं।
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उनका धरना सारी रात चला और सुबह उन्होंने यूनिवर्सिटी गेट बंद कर दिया। गेट बंद होने के कारण कोई भी यूनिवर्सिटी के अंदर न तो जा सका और न ही बाहर आ सका। इस वजह से यूनिवर्सिटी के उच्चाधिकारियों समेत टीचिंग स्टाफ और परीक्षा देने आए स्टूडेंट्स गेट खुलने के इंतजार में बाहर खड़े रह गए।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने वार्डन को सस्पेंड करने के साथ उनकी समस्याओं को भी हल करने की मांग की। शाम पांच बजे तक डीएसपी केसर सिंह, एसडीएम गुरपाल सिंह चहल मामले का हल ढूंढते रहे। आखिरकार यूनिवर्सिटी डीन अकादमिक, डीन स्टूडेंट वेलफेयर और अन्य अधिकारियों की स्टूडेंट्स के साथ आमने-सामने बैठक कराई, जो खबर लिखे जाने तक जारी थी।
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धरने की वजह से यूनिवर्सिटी में होने वाली 50 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इनमें एमए, एमएसई, बीटेक इंजीनियरिंग, ऑनर्स स्कूल, लॉ आदि की परीक्षाएं शामिल हैं। दोपहर को आप से नवनिर्वाचित सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी भी धरने में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों को जल्द से जल्द उनकी समस्याएं हल कराने का आश्वासन दिया।
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आंदोलनकारी छात्राओं ने बताया कि अमृता शेरगिल हॉस्टल में कई दिन से पीने के पानी की समस्या है। वार्डन को कई बार शिकायत दी, लेकिन हल नहीं निकला। बुधवार रात को छात्राएं वीसी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गईं।
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उनका धरना सारी रात चला और सुबह उन्होंने यूनिवर्सिटी गेट बंद कर दिया। गेट बंद होने के कारण कोई भी यूनिवर्सिटी के अंदर न तो जा सका और न ही बाहर आ सका। इस वजह से यूनिवर्सिटी के उच्चाधिकारियों समेत टीचिंग स्टाफ और परीक्षा देने आए स्टूडेंट्स गेट खुलने के इंतजार में बाहर खड़े रह गए।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने वार्डन को सस्पेंड करने के साथ उनकी समस्याओं को भी हल करने की मांग की। शाम पांच बजे तक डीएसपी केसर सिंह, एसडीएम गुरपाल सिंह चहल मामले का हल ढूंढते रहे। आखिरकार यूनिवर्सिटी डीन अकादमिक, डीन स्टूडेंट वेलफेयर और अन्य अधिकारियों की स्टूडेंट्स के साथ आमने-सामने बैठक कराई, जो खबर लिखे जाने तक जारी थी।