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स्कूल को दी सरकारी जमीन बेचने के मामले में पांच बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 28 Jan 2016 10:26 PM IST
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पंजाब सरकार के पुनर्वास विभाग की ओर से समाना के एसएस हरभगवान स्कूल को
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दान की गई जमीन के प्लाट काट कर आगे बेचने के मामले में कोर्ट ने पांच
आरोपियों को बरी कर दिया।
वीरवार को अदालत ने तत्कालीन रजिस्टरी क्लर्क जरनैल सिंह समेत मुंशी राम, राम प्रकाश, रविंदर कुमार, हितेंद्र कुमार बरी किए। मामले में नामजद दो आरोपियों स्कूल के सचिव वीर भान व दौलत राम की मौत हो चुकी है।
सीनियर एडवोकेट बलवंत सिंह जंडू ने बताया कि पंजाब सरकार के पुनर्वास विभाग की ओर से समाना के एसएस हरभगवान स्कूल को चार फरवरी 1994 को 4600 वर्ग गज जमीन दान की गई थी।
आरोप है कि केस में नामजद हुए लोगों ने सरकार की ओर से स्कूल के खेल मैदान के लिए मिली जमीन के प्लाट काट कर आगे बेच दिए। इसके लिए इनके खिलाफ डीड की उल्लंघना करने के आरोप 29 अगस्त 2004 को थाना विजिलेंस में केस दर्ज किया गया। केस का चालान 2011 में स्पेशल जज अरुण गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। पुलिस की ओर से भी मामले में जांच की गई थी, उसमें भी पाया गया था कि जमीन बेच कर सारा पैसा स्कूल के कल्याण के लिए खर्च किया गया। अदालत में सुनवाई दौरान आरोपियों पर दोष साबित नहीं हो सके।
वीरवार को अदालत ने तत्कालीन रजिस्टरी क्लर्क जरनैल सिंह समेत मुंशी राम, राम प्रकाश, रविंदर कुमार, हितेंद्र कुमार बरी किए। मामले में नामजद दो आरोपियों स्कूल के सचिव वीर भान व दौलत राम की मौत हो चुकी है।
सीनियर एडवोकेट बलवंत सिंह जंडू ने बताया कि पंजाब सरकार के पुनर्वास विभाग की ओर से समाना के एसएस हरभगवान स्कूल को चार फरवरी 1994 को 4600 वर्ग गज जमीन दान की गई थी।
आरोप है कि केस में नामजद हुए लोगों ने सरकार की ओर से स्कूल के खेल मैदान के लिए मिली जमीन के प्लाट काट कर आगे बेच दिए। इसके लिए इनके खिलाफ डीड की उल्लंघना करने के आरोप 29 अगस्त 2004 को थाना विजिलेंस में केस दर्ज किया गया। केस का चालान 2011 में स्पेशल जज अरुण गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। पुलिस की ओर से भी मामले में जांच की गई थी, उसमें भी पाया गया था कि जमीन बेच कर सारा पैसा स्कूल के कल्याण के लिए खर्च किया गया। अदालत में सुनवाई दौरान आरोपियों पर दोष साबित नहीं हो सके।