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जेलों में बंद कमेटी के नेताओं की रिहा की मांग
ब्यूरो,अमर उजाला/संगरूर
Updated Tue, 21 Jun 2016 09:45 PM IST
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संगरूर में प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते जमीन संघर्ष कमेटी के नेता और दलित।
- फोटो : अमर उजाला
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जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी की तरफ से मंगलवार को जिले के दर्जनों गांवों में पुलिस प्रशासन तथा सिविल प्रशासन की अर्थी फूंककर रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संघर्ष कमेटी के गिरफ्तार किए नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए और पुलिस द्वारा की जा रही छापामारी तुरंत बंद की जाए।
जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश मलौद और गुरमुख सिंह ने कहा कि संगरूर, भवानीगढ़, लौंगोवाल, लहरागागा, मालेरकोटला, लौंगोवाल, लहरागागा तथा अन्य जगहों पर रोष प्रदर्शन किए गए हैं। संघर्ष कमेटी दलित मजदूरों की मांगों के हल करवाने के लिए वचनबद्ध है, लेकिन संगरूर का सिविल प्रशासन दलितों के संघर्ष को दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। एक तरफ प्रशासन मसले के हल के लिए बैठक करने का ड्रामा रच रहा है और दूसरी तरफ दलितों का नेतृत्व करने वाले नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। नौजवान भारत सभा के महासचिव भुपिंदर लौंगोवाल, संघर्ष कमेटी के जिला नेता सुरजन झनेड़ी, पृथ्वी लौंगोवाल पर झूठे मामले दर्ज करके उन्हें जेल में बंद कर दिया गया है।
संघर्ष कमेटी के नेता गुरप्रीत खेड़ी, महिंदर धंदीवाल, बलविंदर जलूर, हरबंस कौर, परमजीत कौर ने सरकार से मांग की कि दलितों को पंचायती जमीन में से तीसरा हिस्सा दिया जाए, जेल में बंद जत्थेबंदियों पर दर्ज मामले रद्द किए जाएं और जेल में बंद साथियों को तुरंत रिहा किया जाए अन्यथा संघर्ष को तेज कर दिया जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संघर्ष कमेटी के गिरफ्तार किए नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए और पुलिस द्वारा की जा रही छापामारी तुरंत बंद की जाए।
जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश मलौद और गुरमुख सिंह ने कहा कि संगरूर, भवानीगढ़, लौंगोवाल, लहरागागा, मालेरकोटला, लौंगोवाल, लहरागागा तथा अन्य जगहों पर रोष प्रदर्शन किए गए हैं। संघर्ष कमेटी दलित मजदूरों की मांगों के हल करवाने के लिए वचनबद्ध है, लेकिन संगरूर का सिविल प्रशासन दलितों के संघर्ष को दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। एक तरफ प्रशासन मसले के हल के लिए बैठक करने का ड्रामा रच रहा है और दूसरी तरफ दलितों का नेतृत्व करने वाले नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। नौजवान भारत सभा के महासचिव भुपिंदर लौंगोवाल, संघर्ष कमेटी के जिला नेता सुरजन झनेड़ी, पृथ्वी लौंगोवाल पर झूठे मामले दर्ज करके उन्हें जेल में बंद कर दिया गया है।
संघर्ष कमेटी के नेता गुरप्रीत खेड़ी, महिंदर धंदीवाल, बलविंदर जलूर, हरबंस कौर, परमजीत कौर ने सरकार से मांग की कि दलितों को पंचायती जमीन में से तीसरा हिस्सा दिया जाए, जेल में बंद जत्थेबंदियों पर दर्ज मामले रद्द किए जाएं और जेल में बंद साथियों को तुरंत रिहा किया जाए अन्यथा संघर्ष को तेज कर दिया जाएगा।
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