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प्राचीन शिव मंदिर नलास में मेले की तैयारियां जोरों पर लाखों श्रद्धालु नवाएंगें शीश : हजारों महिलाएं करेंगी क्लश परिक्रमा
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राजपुरा। प्राचीन शिव मंदिर नलास में महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मेले में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं। इस बार श्रद्धालुओं में महिलाओं द्वारा की जाने वाली कलश परिक्रमा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
मंदिर कमेटी ने कलश परिक्रमा के लिए अलग से शिवलिंग व मंदिर की स्थापना करवाई है। स्वयं प्रकट होने वाले शिवलिंग पर बने मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए 100 से ज्यादा बैरिकेड्स लगाए गए हैं। मंदिर कमेटी की ओर से सीसीटीवी कैमरों के साथ लंगर स्टॉल की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर कमेटी के सेवादार टिंकू अरोड़ा ने बताया की मंदिर सभा की ओर से 24 घंटे तक लंगर की सेवा व स्वास्थ्य सुविधा सुचारू रूप से चलती रहेगी। डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस का कहना है कि नलास मंदिर में लगने वाले मेले संबंधी पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
नलास में प्रकट हुआ था स्वयं शिवलिंग
राजपुरा से करीब आठ किलोमीटर दूर बसे गांव नलास में 550 वर्ष पुराना प्राचीन शिव मंदिर है। इसमें हर चौदस, महाशिवरात्रि व श्रावण माह में विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि शिव मंदिर नलास में किसी भी श्रद्धालु द्वारा शिवलिंग स्थापित नहीं किया गया बल्कि स्वयं शिवलिंग प्रकट हुआ है।
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शिव मंदिर नलास में लगाया 140 फुट का त्रिशूल
मंदिर के प्रांगण में पिछले वर्ष 140 फुट का त्रिशूल स्थापित किया गया है। मंदिर के मुख्य सेवादार महंत लाल गिरी महाराज ने बताया कि शुद्ध स्टील से बने इस त्रिशूल को स्थापित करने के लिए क्रेन की मदद ली गई है। 27 फरवरी को भक्तजनों के रहने व खाने के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
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मंदिर कमेटी ने कलश परिक्रमा के लिए अलग से शिवलिंग व मंदिर की स्थापना करवाई है। स्वयं प्रकट होने वाले शिवलिंग पर बने मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए 100 से ज्यादा बैरिकेड्स लगाए गए हैं। मंदिर कमेटी की ओर से सीसीटीवी कैमरों के साथ लंगर स्टॉल की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर कमेटी के सेवादार टिंकू अरोड़ा ने बताया की मंदिर सभा की ओर से 24 घंटे तक लंगर की सेवा व स्वास्थ्य सुविधा सुचारू रूप से चलती रहेगी। डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस का कहना है कि नलास मंदिर में लगने वाले मेले संबंधी पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
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नलास में प्रकट हुआ था स्वयं शिवलिंग
राजपुरा से करीब आठ किलोमीटर दूर बसे गांव नलास में 550 वर्ष पुराना प्राचीन शिव मंदिर है। इसमें हर चौदस, महाशिवरात्रि व श्रावण माह में विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि शिव मंदिर नलास में किसी भी श्रद्धालु द्वारा शिवलिंग स्थापित नहीं किया गया बल्कि स्वयं शिवलिंग प्रकट हुआ है।
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शिव मंदिर नलास में लगाया 140 फुट का त्रिशूल
मंदिर के प्रांगण में पिछले वर्ष 140 फुट का त्रिशूल स्थापित किया गया है। मंदिर के मुख्य सेवादार महंत लाल गिरी महाराज ने बताया कि शुद्ध स्टील से बने इस त्रिशूल को स्थापित करने के लिए क्रेन की मदद ली गई है। 27 फरवरी को भक्तजनों के रहने व खाने के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।