{"_id":"0a47ee0a8a642f49f320d7200bb6842b","slug":"patiala-student-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र के हत्यारे नौ युवकों को उम्रकैद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र के हत्यारे नौ युवकों को उम्रकैद
अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 17 Dec 2013 09:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दसवीं कक्षा के एक छात्र को कांच की टूटी बोतल घोंपकर हत्या करने के दोषी नौ युवकों को पटियाला की एडिशनल सेशन जज की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मंगलवार को इस मामले में फैसला देते हुए अदालत ने सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। वहीं दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
एडवोकेट सतनाम सिंह कलेर के मुताबिक, छह अप्रैल 2010 को गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल का दसवीं कक्षा का छात्र अवतार सिंह शेरांवाला गेट से ट्यूशन पढ़ने के बाद बस से अपने घर लौट रहा था।
रास्ते में भादसों में ड्रेन के नजदीक बस को आरोपी सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखी, सुखविंदर सिंह उर्फ छोटू, अमरदेव सिंह उर्फ दीपू, तेजिंदर सिंह उर्फ तेजी, गुरमीत सिंह, गुरदीप सिंह उर्फ गग्गी, अमरिंदर सिंह और उनके कुछ साथियों ने बस को रुकवा लिया और अवतार सिंह को बस से उतारकर जमकर मारपीट की और फिर उन्होंने कांच की एक टूटी बोतल अवतार सिंह के गुप्तांग के पास मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बाद में अवतार सिंह को राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। त्रिपड़ी थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया था।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी तेजिंदर सिंह का जिस लड़की के साथ अफेयर था, उसने तेजिंदर से कहा था कि अवतार उस पर बुरी नजर रखता है। इससे गुस्साए तेजिंदर सिंह ने अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
केस की सुनवाई के बाद एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर ने सात आरोपियों समेत नौ लोगों को हत्या का दोषी माना और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ-साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई।
विज्ञापन
मंगलवार को इस मामले में फैसला देते हुए अदालत ने सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। वहीं दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
एडवोकेट सतनाम सिंह कलेर के मुताबिक, छह अप्रैल 2010 को गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल का दसवीं कक्षा का छात्र अवतार सिंह शेरांवाला गेट से ट्यूशन पढ़ने के बाद बस से अपने घर लौट रहा था।
रास्ते में भादसों में ड्रेन के नजदीक बस को आरोपी सुखजिंदर सिंह उर्फ सुखी, सुखविंदर सिंह उर्फ छोटू, अमरदेव सिंह उर्फ दीपू, तेजिंदर सिंह उर्फ तेजी, गुरमीत सिंह, गुरदीप सिंह उर्फ गग्गी, अमरिंदर सिंह और उनके कुछ साथियों ने बस को रुकवा लिया और अवतार सिंह को बस से उतारकर जमकर मारपीट की और फिर उन्होंने कांच की एक टूटी बोतल अवतार सिंह के गुप्तांग के पास मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
विज्ञापन
बाद में अवतार सिंह को राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। त्रिपड़ी थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया था।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी तेजिंदर सिंह का जिस लड़की के साथ अफेयर था, उसने तेजिंदर से कहा था कि अवतार उस पर बुरी नजर रखता है। इससे गुस्साए तेजिंदर सिंह ने अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
केस की सुनवाई के बाद एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर ने सात आरोपियों समेत नौ लोगों को हत्या का दोषी माना और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ-साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई।