{"_id":"613cc9e78ebc3eb6f10588c9","slug":"now-goindwal-is-closed-in-private-thermals-patiala-news-pkl426418118","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब प्राइवेट थर्मलों में गोइंदवाल पड़ा बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब प्राइवेट थर्मलों में गोइंदवाल पड़ा बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला। पंजाब में कोयले के संकट के चलते सरकारी थर्मल प्लांटों के बाद शनिवार को प्राइवेट प्लांट गोइंदवाल बंद हो गया। गोइंदवाल के 270-270 मेगावाट की क्षमता वाले दो यूनिट हैं। इस प्लांट में शुक्रवार को मात्र दो दिनों का कोयला बचा था। जिस कारण पहले ही आशंका थी कि यह जल्द बंद पड़ सकता है।
पावरकॉम के अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पंजाब को कोयले की सप्लाई होने की उम्मीद है। पंजाब के कई हिस्सों में बारिश के चलते शनिवार को बिजली की मांग में कमी रही। दिन में जहां बिजली की मांग 6600 मेगावाट के करीब थी, वहीं शाम को 7465 मेगावाट दर्ज की गई। डिमांड में कमी के चलते पावरकाम ने सरकारी थर्मल प्लांटों के बाद अब गोइंदवाल के भी बंद पडने के बावजूद बाहर से कम बिजली खरीदी। जानकारी के मुताबिक पावरकाम ने 5900 मेगावाट बिजली प्रति यूनिट चार रुपये के हिसाब से खरीदी। हाइडलों से पावरकाम को 420 मेगावाट और तलवंडी साबो व राजपुरा प्लांटों से 1693 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। पंजाब के कई प्लांटों में कोयले की कमी है। इनमें रोपड़ प्लांट में सात, लहरा मुहब्बत में पांच, तलवंडी साबो में चार, राजपुरा में चार और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला बचा है।
विज्ञापन
पावरकॉम के अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पंजाब को कोयले की सप्लाई होने की उम्मीद है। पंजाब के कई हिस्सों में बारिश के चलते शनिवार को बिजली की मांग में कमी रही। दिन में जहां बिजली की मांग 6600 मेगावाट के करीब थी, वहीं शाम को 7465 मेगावाट दर्ज की गई। डिमांड में कमी के चलते पावरकाम ने सरकारी थर्मल प्लांटों के बाद अब गोइंदवाल के भी बंद पडने के बावजूद बाहर से कम बिजली खरीदी। जानकारी के मुताबिक पावरकाम ने 5900 मेगावाट बिजली प्रति यूनिट चार रुपये के हिसाब से खरीदी। हाइडलों से पावरकाम को 420 मेगावाट और तलवंडी साबो व राजपुरा प्लांटों से 1693 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। पंजाब के कई प्लांटों में कोयले की कमी है। इनमें रोपड़ प्लांट में सात, लहरा मुहब्बत में पांच, तलवंडी साबो में चार, राजपुरा में चार और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला बचा है।
विज्ञापन