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जगी नई उम्मीद: पटियाला में 565 करोड़ का नहर प्रोजेक्ट 94% पूरा, पांच लाख लोगों को मिलेगा साफ पानी
Thu, 03 Sep 2026 10:14 AM IST
Nivedita
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला
Published by: Nivedita
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:14 AM IST
सार
करीब 565 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख की आबादी को 24 घंटे साफ पीने का पानी मुहैया कराना है। प्रोजेक्ट की कुल लागत में 10 साल के रख-रखाव का खर्च भी शामिल है। पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने इसके निर्माण का ठेका एलएंडटी को करीब 341 करोड़ रुपये में दिया है।
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पटियाला को मिलेगा 24 घंटे पानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से 2006 में पटियाला के लिए घोषित करोड़ों का नहर आधारित पानी सप्लाई प्रोजेक्ट दो दशक बाद भी लटका है।
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इस प्रोजेक्ट के तहत पटियालावासियों की लंबे समय से चली आ ही पानी की कमी की समस्या को दूर करके उन्हें 24 घंटे साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना था। लेकिन यह प्रोजेक्ट वर्षों तक कभी सरकारी औपचारिकताओं, कभी जमीन न मिलने और कभी टेंडर प्रक्रिया में देरी व अन्य कारणों के चलते लटकता चला गया।
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आखिरकार प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 13 अक्तूबर 2020 को शुरू हुआ और इसे अक्तूबर 2023 तक पूरा किया जाना था, परंतु तय समय सीमा निकलने के बाद भी शहर को नहरी पानी की नियमित सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। अब फिर से पटियालावासियों की उम्मीद जगी है।
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31 अक्तूबर तक प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा
वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विकास धवन ने बताया कि प्रोजेक्ट का 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वर्तमान टेस्टिंग का काम चल रहा है। 31 अक्तूबर तक प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पटियाला के मजीठिया एनक्लेव, आनंद नगर, आनंद नगर एक्सटेंशन, गुरदर्शन नगर, प्रेम नगर इलाकों को ट्रीटमेंट के बाद नहर के पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
करीब 565 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख की आबादी को 24 घंटे साफ पीने का पानी मुहैया कराना है। प्रोजेक्ट की कुल लागत में 10 साल के रख-रखाव का खर्च भी शामिल है। पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने इसके निर्माण का ठेका एलएंडटी को करीब 341 करोड़ रुपये में दिया है।
प्रोजेक्ट के तहत भाखड़ा नहर से पानी लाकर गांव अबलोवाल में बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उसका शोधन किया जाना है। इसके बाद पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये शहर के विभिन्न हिस्सों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अबलोवाल में करीब 115 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा चुका है। साथ ही दो स्टोरेज टैंक भी बनाए गए हैं। अब तक शहर में 240 किलोमीटर लंबी पाइप लाइनें बिछाई जा चुकी हैं।
कभी जमीन तो कभी टेंडर, हर कदम पर अटकी योजना
प्रोजेक्ट के लंबे समय तक लटकने के पीछे कई कारण सामने आते रहे हैं। वर्ष 2006 में घोषणा के बाद प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। बाद में जमीन उपलब्ध कराने, टेंडर प्रक्रिया और दूसरी प्रशासनिक औपचारिकताओं में देरी हुई। 2017 में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार दोबारा सरकार बनने के बाद प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने का भरोसा दिया गया, लेकिन काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया।
मई 2021 में अबलोवाल में ट्रीटमेंट प्लांट के काम की शुरुआत की गई। उस समय भी प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की बात कही गई थी। 2022 में शहर में पानी की टंकियों के लिए नगर निगम की जमीन उपलब्ध कराने का मामला सामने आया। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की सभी कड़ियां समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
2023 की डेडलाइन निकलने के बाद भी नहीं थमा इंतजार
मौजूदा प्रोजेक्ट की मूल समय सीमा अक्तूबर 2023 थी। इसके बाद डेडलाइन पहले 2024 के मध्य, फिर जुलाई 2025 और बाद में 2025 के अंत तक बढ़ाई गई। लगातार देरी को लेकर पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने एलएंडटी पर जुर्माना भी लगाया। अब तक एलएंडटी पर 20.7 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है।
जनवरी 2026 में तत्कालीन पटियाला डीसी ने प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन यह समय सीमा भी निकल गई। इसके बाद जून 2026 में डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने प्रोजेक्ट की समीक्षा कर इसे 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। लेकिन अब अक्तूबर के बाद ही प्रोजेक्ट का पहला चरण शुरू होने की बात कही जा रही है।
प्रोजेक्ट के लंबे समय तक लटकने के पीछे कई कारण सामने आते रहे हैं। वर्ष 2006 में घोषणा के बाद प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। बाद में जमीन उपलब्ध कराने, टेंडर प्रक्रिया और दूसरी प्रशासनिक औपचारिकताओं में देरी हुई। 2017 में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार दोबारा सरकार बनने के बाद प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने का भरोसा दिया गया, लेकिन काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया।
मई 2021 में अबलोवाल में ट्रीटमेंट प्लांट के काम की शुरुआत की गई। उस समय भी प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की बात कही गई थी। 2022 में शहर में पानी की टंकियों के लिए नगर निगम की जमीन उपलब्ध कराने का मामला सामने आया। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की सभी कड़ियां समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
2023 की डेडलाइन निकलने के बाद भी नहीं थमा इंतजार
मौजूदा प्रोजेक्ट की मूल समय सीमा अक्तूबर 2023 थी। इसके बाद डेडलाइन पहले 2024 के मध्य, फिर जुलाई 2025 और बाद में 2025 के अंत तक बढ़ाई गई। लगातार देरी को लेकर पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने एलएंडटी पर जुर्माना भी लगाया। अब तक एलएंडटी पर 20.7 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है।
जनवरी 2026 में तत्कालीन पटियाला डीसी ने प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन यह समय सीमा भी निकल गई। इसके बाद जून 2026 में डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने प्रोजेक्ट की समीक्षा कर इसे 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। लेकिन अब अक्तूबर के बाद ही प्रोजेक्ट का पहला चरण शुरू होने की बात कही जा रही है।
शहरवासियों को क्यों है इस प्रोजेक्ट से उम्मीद
पटियाला में गिरते भूजल स्तर के कारण पेयजल के लिए ट्यूबवेलों पर निर्भरता चिंता का विषय रही है। पुरानी योजना का मूल उद्देश्य भी यही था कि शहर को भूजल के बजाय नहरी पानी का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराया जाए। इससे शहर में 24 घंटे साफ पानी की सप्लाई के साथ भूजल पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
आंकड़ों में परियोजना
प्रोजेक्ट की मूल घोषणा: 2006
प्रोजेक्ट का का निर्माण शुरू: 13 अक्तूबर 2020
मूल पूर्णता लक्ष्य: अक्तूबर 2023
प्रोजेक्ट की मौजूदा लागत : करीब 565 करोड़ रुपये
एलएंडटी को निर्माण ठेका: करीब 341 करोड़ रुपये
लाभार्थी आबादी: करीब 5 लाख
ट्रीटमेंट प्लांट: अबलोवाल
पाइपलाइन नेटवर्क: करीब 240 किलोमीटर
एलएंडटी पर देरी के लिए जुर्माना: 20.7 करोड़
ताजा प्रशासनिक लक्ष्य: 31 अक्तूबर 2026
क्या कहते हैं मेयर
नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया ने बताया कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है, उम्मीद है कि अगले डेढ़ से दो महीने में पहले फेज पूरा होने के बाद कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। प्रोजेक्ट के बाकी चरण भी इसके बाद जल्द से जल्द पूरे किए जाएंगे।
पटियाला शहरी हलके के विधायक अजीत पाल सिंह कोहली का कहना है कि प्रोजेक्ट का पहला फेज जल्द पूरा होने वाला है और वादे के मुताबिक पटियाला के लोगों को जल्द साफ पीने के पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
पटियाला में गिरते भूजल स्तर के कारण पेयजल के लिए ट्यूबवेलों पर निर्भरता चिंता का विषय रही है। पुरानी योजना का मूल उद्देश्य भी यही था कि शहर को भूजल के बजाय नहरी पानी का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराया जाए। इससे शहर में 24 घंटे साफ पानी की सप्लाई के साथ भूजल पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
आंकड़ों में परियोजना
प्रोजेक्ट की मूल घोषणा: 2006
प्रोजेक्ट का का निर्माण शुरू: 13 अक्तूबर 2020
मूल पूर्णता लक्ष्य: अक्तूबर 2023
प्रोजेक्ट की मौजूदा लागत : करीब 565 करोड़ रुपये
एलएंडटी को निर्माण ठेका: करीब 341 करोड़ रुपये
लाभार्थी आबादी: करीब 5 लाख
ट्रीटमेंट प्लांट: अबलोवाल
पाइपलाइन नेटवर्क: करीब 240 किलोमीटर
एलएंडटी पर देरी के लिए जुर्माना: 20.7 करोड़
ताजा प्रशासनिक लक्ष्य: 31 अक्तूबर 2026
क्या कहते हैं मेयर
नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया ने बताया कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है, उम्मीद है कि अगले डेढ़ से दो महीने में पहले फेज पूरा होने के बाद कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। प्रोजेक्ट के बाकी चरण भी इसके बाद जल्द से जल्द पूरे किए जाएंगे।
पटियाला शहरी हलके के विधायक अजीत पाल सिंह कोहली का कहना है कि प्रोजेक्ट का पहला फेज जल्द पूरा होने वाला है और वादे के मुताबिक पटियाला के लोगों को जल्द साफ पीने के पानी उपलब्ध कराया जाएगा।