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देश की खेल नीति की दोबारा पड़ताल की जरूरत
अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 17 Jan 2014 10:09 PM IST
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पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने कहा कि हमें अपनी शारीरिक तंदरुस्ती की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। इसमें खुद पर विश्वास और हर काम को खुशी-खुशी करना जरूरी योगदान डालते हैं।
साथ ही कहा कि शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत नागरिक ही चैंपियन खिलाड़ी बन सकते हैं। बेदी ने यूनिवर्सिटी की खेल प्राप्तियों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि यूनिवर्सिटी खेलों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगी।
वह शुक्रवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी के कला भवन में शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से शारीरिक गतिविधियों के जरिए तंदरुस्ती-भविष्यमुखी परिपेक्ष विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। कांफ्रेंस में बिशन सिंह बेदी ने बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की।
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इस दौरान वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि आज के इस तनावपूर्ण जीवन में इंसान को अपनी जीवन शैली बदलने और व्यवहारिक आदतों में सुधार लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए शारीरिक व मानसिक दृढ़ता की अहम भूमिका होती है। शरीर और मन की मजबूती के लिए अच्छी सेहत होनी बहुत जरूरी है।
चंद्रशेखर आगाशी कॉलेज ऑफ फिजीकल एजूकेशन पूना से डॉ. नैना निमकर ने कहा कि विश्व की 70 फीसदी आबादी शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेती, जिस कारण शूगर, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां आदि हो जाती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए खान-पान की आदतों में बदलाव व शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना बेहद जरूरी हैं।
डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि हमें अपनी खेल नीति की दोबारा पड़ताल करनी चाहिए। ऐसे वातावरण का सृजन किया जाए, जिसमें खेलों व शारीरिक शिक्षा के विभिन्न पक्षों को छूते उनको अमली रूप दिया जा सके। जिससे देश के खिलाड़ी अधिक से अधिक मेडल हासिल कर सकें। इस मौके पर पूर्व ओलंपियन बिग्रेडियर लाभ सिंह भी मौजूद रहे। अंत में सेमिनार का सोविनियर रिलीज किया गया। वीसी ने आए मेहमानों को सम्मानित किया।
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साथ ही कहा कि शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत नागरिक ही चैंपियन खिलाड़ी बन सकते हैं। बेदी ने यूनिवर्सिटी की खेल प्राप्तियों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि यूनिवर्सिटी खेलों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगी।
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वह शुक्रवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी के कला भवन में शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से शारीरिक गतिविधियों के जरिए तंदरुस्ती-भविष्यमुखी परिपेक्ष विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। कांफ्रेंस में बिशन सिंह बेदी ने बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की।
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इस दौरान वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि आज के इस तनावपूर्ण जीवन में इंसान को अपनी जीवन शैली बदलने और व्यवहारिक आदतों में सुधार लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए शारीरिक व मानसिक दृढ़ता की अहम भूमिका होती है। शरीर और मन की मजबूती के लिए अच्छी सेहत होनी बहुत जरूरी है।
चंद्रशेखर आगाशी कॉलेज ऑफ फिजीकल एजूकेशन पूना से डॉ. नैना निमकर ने कहा कि विश्व की 70 फीसदी आबादी शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेती, जिस कारण शूगर, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां आदि हो जाती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए खान-पान की आदतों में बदलाव व शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना बेहद जरूरी हैं।
डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि हमें अपनी खेल नीति की दोबारा पड़ताल करनी चाहिए। ऐसे वातावरण का सृजन किया जाए, जिसमें खेलों व शारीरिक शिक्षा के विभिन्न पक्षों को छूते उनको अमली रूप दिया जा सके। जिससे देश के खिलाड़ी अधिक से अधिक मेडल हासिल कर सकें। इस मौके पर पूर्व ओलंपियन बिग्रेडियर लाभ सिंह भी मौजूद रहे। अंत में सेमिनार का सोविनियर रिलीज किया गया। वीसी ने आए मेहमानों को सम्मानित किया।