डल्लेवाल ने ठुकराया सरकार का ऑफर: 32 दिन से अनशन पर किसान नेता, बोले- आखिरी सांस तक लड़ेंगे
32 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को मनाने के लिए शुक्रवार को पटियाला रेंज के डीआइजी मनदीप सिंह सिद्धू, डीसी डॉ. प्रीति यादव, एसएसपी डॉ. नानक सिंह व अन्य ने मुलाकात की। डल्लेवाल ने सरकार की तरफ से दिए गए ऑफर को ठुकरा दिया।
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खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अपना अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को उनके अनशन के 32 दिन पूरे हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर पंजाब सरकार की उच्च स्तरीय टीम और चिकित्सा विशेषज्ञों ने पहुंच कर अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को अस्पताल में दाखिल होकर उचित इलाज कराने की अपील की। लेकिन डल्लेवाल ने सरकार की इस ऑफर को ठुकराते साफ कर दिया कि वह बड़े किसान नेता बनने के लिए यह लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। यह किसानों व आने वाली पीढ़ियों के हकों की लड़ाई है, जिसे वह अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
डल्लेवाल ने साफ कहा कि या तो मांगें मान कर उनका अनशन खत्म कराया जाए या फिर वह अपनी जान दे देंगे। शुक्रवार को डल्लेवाल का अनशन 32वें दिन में दाखिल हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक ताजा टेस्ट में डल्लेवाल के शरीर में तय स्तर से किटोन कईं गुणा ज्यादा बढ़ गया है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
शुक्रवार को पटियाला रेंज के डीआइजी मनदीप सिंह सिद्धू, डीसी डॉ. प्रीति यादव, एसएसपी डॉ. नानक सिंह व अन्य की एक टीम ने डल्लेवाल से मुलाकात की। टीम में शामिल डाक्टरों ने डल्लेवाल को कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारियों ने किसान नेता से अपना आंदोलन जारी रखने के लिए कहा, लेकिन उनसे अपने स्वास्थ्य देखभाल के लिए आवश्यक दवाएं और तरल पदार्थ लेने का आग्रह किया। उन्होंने किसान नेता को एक स्वयंसेवक के साथ राजिंदरा या फिर माता कौशल्या अस्पताल में स्थानांतरित करने का विकल्प भी दिया।
उच्च स्तरीय टीम ने किसान नेता को यह भी बताया कि विरोध स्थल पर मेडिकल टीमें 24 घंटे ड्यूटी पर हैं और दो एडवांस्ड लाइफ स्पोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस 24 घंटे विरोध स्थल पर मौजूद हैं इस एंबुलेंस में जीवन समर्थन और देखभाल के लिए आवश्यक सभी दवाएं और उपकरण हैं। इसके अलावा एक अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित होने का भी आग्रह किया, जो सभी आपातकालीन दवाओं और उपकरणों से सुसज्जित है और यह किसानी मंच से सिर्फ 700 मीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है।
पीएम मोदी से अभी तक नहीं आया पत्र का जवाब
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व अन्य ने बताया कि डल्लेवाल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनशन शुरू किए जाने के बाद से दो पत्र लिखे गए हैं। लेकिन अभी तक इनका कोई जवाब नहीं आया है। इससे साफ है कि केंद्र में काबिज सरकार किसान विरोधी है। यह सरकार किसी भी कीमत पर मांगों को लेकर किसानों के साथ बातचीत करने के मूड़ में नहीं है। किसान नेताओं ने साफ किया कि अगर केंद्र या राज्य सरकारों ने जबरन डल्लेवाल को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें लाशों पर से गुजरना पड़ेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।
वित्त मंत्री चीमा भी डल्लेवाल का हालचाल जानने आए
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का हालचाल जानने पहुंचे थे। मीडिया से बात करते चीमा ने कहा कि मान सरकार लगातार केंद्र के साथ किसानी मांगों को लेकर संपर्क में है। उनकी सरकार खुद चाहती है कि किसानी मसले जल्द हल हों। उन्होंने केंद्र से मांग की कि पीएम नरेंद्र मोदी जल्द जरूरी दिशा-निर्देश जारी करके किसानों की मांगों को पूरा कराएं।
30 को होगा मुकम्मल बंद, न मिलेगी सब्जी और न होगी दूध की सप्लाई
पंजाब में 30 दिसंबर की बंद की काल को सफल बनाने के लिए शुक्रवार से किसानों ने गांव-गांव व घर-घर प्रचार मुहिम शुरू की। इस मौके किसानों ने बसों व दुकानों के बाहर भी पोस्टर लगाकर बंद में शामिल होने का आह्वान किया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि बंद को लेकर किसानों को दुकानदारों, छात्र जत्थेबंदियों व व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ-साथ जनता का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बंद वाले दिन कोई भी किसान सब्जी लेकर नहीं जाएगा और न ही कोई दोधी उस दिन दूध की सप्लाई करने के लिए शहर जाएगा।