Punjab election 2022: बदले राजनीतिक परिपेक्ष में कैप्टन के गढ़ में सेंधमारी की तैयारी, सभी दलों ने पटियाला में ताकत झोंकी
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को हलका सन्नौर में कैप्टन अपनी पार्टी के प्रत्याशी विक्रमजीत इंद्र सिंह चाहल के हक में रैली करने आ रहे हैं। मंगलवार देर शाम को वह पटियाला शहर के जोड़ियां भट्टियां इलाके में रैली करेंगे।
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पंजाब की राजनीति में इस बार बदले समीकरणों में सभी प्रमुख राजनीतिक दल कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ में सेंधमारी की कोशिश में हैं। इधर कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा बनते ही चरणजीत सिंह चन्नी ने पटियाला में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
चन्नी ने विभिन्न हलकों में रैलियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि चन्नी इन रैलियों में कैप्टन के खिलाफ खूब हमलावर हैं। वहीं अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल भी पीछे नहीं हैं। वह लगातार रैलियां कर लोगों के सामने सवाल उठा रहे हैं कि जब कैप्टन अपने हलके में आते नहीं तो फिर लोग क्यों उन्हें वोट डालते हैं।
आप प्रदेश प्रधान व सीएम चेहरा भगवंत मान भी जिले में अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। पटियाला जिले में आठ विधानसभा हलके हैं। इस जिले को कैप्टन का गढ़ माना जाता है। पटियाला शहर सीट से तो कैप्टन वर्ष 2002 से 2017 तक लगातार चार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
2017 के विधानसभा चुनावों में जब कांग्रेस ने कैप्टन के चेहरे पर चुनाव लड़ा तो उस समय केवल सन्नौर सीट को छोड़कर बाकी सभी सात सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। अब कैप्टन कांग्रेस को छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं और इस बार वह भाजपा व सुखदेव सिंह ढींडसा की पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पंजाब में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच हर प्रमुख सियासी पार्टी को यह सुनहरा मौका लग रहा है कि किसी तरह से कैप्टन के गढ़ में सेंधमारी की जा सके।
इसके तहत छह फरवरी को लुधियाना में चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम फेस घोषित किया गया। इसके अगले दिन सोमवार शाम को चन्नी पटियाला पहुंचे। समाना हलके समेत पटियाला शहर में भी रैली की। इन रैलियों में जहां चन्नी ने कैप्टन के आरोपों का जवाब दिया, वहीं खुद को गरीब और आम जनता का बेटा बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी प्रधान नरिंदर पाल लाली ने बताया कि सीएम चन्नी जिले में और भी कई रैलियां करेंगे। इस बार किसी भी तरह से कैप्टन को जीतने नहीं दिया जाएगा।
उधर, सुखबीर सिंह बादल भी जिले के विभिन्न हलकों में रैलियां कर वोटरों को कैप्टन के खिलाफ लामबंद कर रहे हैं। सुखबीर लगातार कैप्टन के अपने ही जिले से नदारद रहने और विकास न कराने के आरोप लगाते लोगों से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या कैप्टन की किस्मत अच्छी है या फिर लोगों को ही काम न करने वाले प्रत्याशी पसंद हैं।
आप के भगवंत मान ने भी जिले में लगातार सक्रियता बढ़ा रखी है। राजपुरा से लेकर पटियाला देहात व शहर समेत तकरीबन हर हलके में वह जाकर रैलियां कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सभी प्रमुख पार्टियां जिले में अपनी सक्रियता और बढ़ाने की तैयारी में हैं।
कैप्टन भी विरोधियों को नहीं देना चाहते हैं कोई मौका
उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने विरोधियों को कोई मौका देने के मूड में नहीं लगते हैं। शायद यही वजह है कि जहां नामांकन के दिन उन्होंने पूरा पंजाब देखने की बात कहते हुए प्रचार के लिए पटियाला में कम आने की बात मीडिया सामने कही थी, वहीं विरोधियों के कड़े तेवरों को देखते हुए अब जिले में सक्रिय हो गए हैं।