फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Hundred percent pure drinking water in the home district of CM Badal

सीएम बादल का गृह जिला स्वच्छ पेयजल में सौ फीसदी खरा

Tue, 23 Jun 2015 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर Updated Tue, 23 Jun 2015 10:17 PM IST
विज्ञापन
खतरनाक तत्वों व विषैली धातुओं के मैक्सिमम परमिसिबल लिमिट से ज्यादा पानी में घुलने का मामला सिर्फ मालवा तक सीमित नहीं है बल्कि माझा व दोआबा के गांवों के पानी में भी खतरनाक रसायन अधिकतम स्वीकार्य सीमा से ज्यादा पाए गए हैं। लुधियाना से लेकर अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर आदि जिलों के कई गांवों में पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट हैरान करने वाली है। हालांकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के गृह जिला मुक्तसर का पानी सौ फीसदी शुद्ध पाया गया है।
विज्ञापन

 
पंजाब के सैकड़ों गांवों का पानी बेशक जहरीला हो गया है लेकिन हैरत की बात है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के गृह क्षेत्र लंबी में पिछले वर्ष लिए पानी के सभी 172 नमूनों की जांच तय मानकों पर खरी उतरी है। सीएम के गृह जिला मुक्तसर के सभी चारों ब्लाकों के पानी के नमूनों की रिपोर्ट ठीक है।
विज्ञापन


गिदड़बाहा ब्लाक के 875, मलोट के 591 व मुक्तसर ब्लाक के 1278 पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट दुरुस्त है। सीएम के इलाके में आरओ सिस्टम स्थापित करने के अलावा नहरी योजना के तहत पेयजल पहुंचाने की योजना को अमली रूप दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल उठता है कि क्या इस वीआईपी इलाके पर ही खास तवज्जो दी जा रही है। हालांकि बठिंडा जिले के कई गांवों दयालपुरा भाइका, नथाना, कुगरा, धींगर, दौलेवाल, रईया, सिदाना, रामपुरा, तलबंडी साबो आदि में विभिन्न तत्वों की मात्रा अत्याधिक पाई गई है।

गांव भूंदड़ में तो यूरेनियम की मात्रा 325.1 एमजी प्रति लीटर पानी में पाई गई है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान लुधियाना के गांव डेहलों, बामनमाजरा, हरनामपुरा, जक्खड, खेडा, किलारायपुर, कुहली कलां, नत्त, दोराहा में लैड, स्लेनियम, मरक्योरी, यूरेनियम आदि तत्व ज्यादा मात्रा में पाए गए हैं।

जगरांव के गांव अखारा, भमीपुर, दगिया, धौला, हथूर, खौसा, कुलार, मल्लाह में यूरेनियम की मात्रा अलार्मिंग पोजीशन तक पहुंच गई है। जालंधर के कई गांवों में लैड, आयरन, नाइट्रेट व एल्मुनियम की मात्रा ज्यादा पाई गई है। अमृतसर के गांव मजीठा में आयरन, आर्सेनिक व एल्मुनियम अधिकतम स्वीकार्य सीमा से कई गुणा ज्यादा है।  

कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजिंदर दीपा ने डिलीवरी प्वाइंट से पानी के नमूने लेने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मुक्तसर इलाके में जमीन के नीचे का पानी दूषित है। लिहाजा, जमीन के नीचे से ही पानी के सैंपल लिए जाएं।


सच्चाई को छुपाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। बल्कि इसे जनता के सामने लाकर उसका निवारण किया जाना चाहिए। पंजाब में पानी जहरीला बन रहा है और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

सूचना अधिकार के जरिये सूचना मांगी गई है कि किस जिले में कितने आरओ सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा लोगों तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए कहां व क्या प्रबंध किए गए हैं। मालूम किया जाएगा कि किसी खास क्षेत्र को ज्यादा अहमियत तो नहीं दी जा रही है।   - जतिंदर जैन, समाज सेवक

कई जिलों में कैनाल बेस्ड प्रोजेक्ट के तहत पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना लागू की गई है। मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा व मानसा जिलों में नहरी पानी को साफ करके स्वच्छ पेयजल दिया जा रहा है। पूरे पंजाब में हरेक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। - बीएस भट्टी, चीफ इंजीनियर, वाटर सप्लाई विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed