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डीसी दफ्तर के सामने मांगों को लेकर जुटे मुलाजिम
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 10 Nov 2016 03:16 PM IST
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पटियाला में डीसी दफ्तर के बाहर मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देते मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न विभागों के सरकारी और अर्द्ध सरकारी मुलाजिमों ने मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के सामने जोरदार धरना दिया। पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के बैनर तले दिए इस धरने में मुलाजिमों ने जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर डीए की किस्तों का बकाया देने, 2004 के बाद भर्ती हुए मुलाजिमों को पेंशन देने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इस मौके पर डीसी के जरिये सीएम को ज्ञापन भी भेजा गया।
पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के प्रदेश प्रधान हरी सिंह टोहड़ा ने अकाली-भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में सरकार ने मुलाजिमों के साथ जो वादे किए थे, उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया है। बल्कि मुलाजिमों को पहले से मिल रही सुविधाएं भी कम कर दी हैं।
टोहड़ा ने 2004 के बाद भरती हुए मुलाजिमों को पेंशन की सुविधा देने की मांग की। साथ ही नई भरती हुए मुलाजिमों को तीन साल तक फिक्स तनख्वाह पर रखने के सरकार के फैसले को नादरशाही बताया। इस मौके पर मुलाजिमों ने डीए की किस्तों का बनता बकाया देने की भी मांग की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर अब भी सरकार ने मुलाजिमों की मांगों को नजरअंदाज किया, तो 18 नवंबर को होने वाली प्रदेशस्तरीय वर्किंग कमेटी की मीटिंग में अगले संघर्ष का एलान किया जाएगा, जो आर-पार का होगा।
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पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के प्रदेश प्रधान हरी सिंह टोहड़ा ने अकाली-भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में सरकार ने मुलाजिमों के साथ जो वादे किए थे, उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया है। बल्कि मुलाजिमों को पहले से मिल रही सुविधाएं भी कम कर दी हैं।
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टोहड़ा ने 2004 के बाद भरती हुए मुलाजिमों को पेंशन की सुविधा देने की मांग की। साथ ही नई भरती हुए मुलाजिमों को तीन साल तक फिक्स तनख्वाह पर रखने के सरकार के फैसले को नादरशाही बताया। इस मौके पर मुलाजिमों ने डीए की किस्तों का बनता बकाया देने की भी मांग की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर अब भी सरकार ने मुलाजिमों की मांगों को नजरअंदाज किया, तो 18 नवंबर को होने वाली प्रदेशस्तरीय वर्किंग कमेटी की मीटिंग में अगले संघर्ष का एलान किया जाएगा, जो आर-पार का होगा।
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