पंजाब में महंगी होगी बिजली: पावरकॉम का सरकार पर 7823 करोड़ बकाया, क्या लोगों को मिलती रहेगी मुफ्त बिजली
पंजाब में इस बार गर्मियों में लोगों को बिजली का झटका जोर से लग सकता है। क्योंकि पावरकॉम ने दिसंबर में पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को बिजली की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव भेज रखा है।
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पंजाब सरकार की ओर से बुधवार को पेश बजट में बिजली सब्सिडी के लिए पर्याप्त बजट न रखने से पावरकाॅम के लिए आर्थिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं। साल 2025-26 के लिए पेश बजट में पावरकॉम का सरकार की तरफ पेंडिंग कुल 7823 करोड़ के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष की ही 5500 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी भी शामिल है। हालांकि बजट में साफ हो गया है कि सूबे में मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गर्मी में बिजली की दरों में भी वृद्धि होने की पूरी संभावना है। क्योंकि पावरकॉम ने दिसंबर में पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को बिजली की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव भेज रखा है। ऐसे में सरकार को प्रस्तावित दरों के हिसाब से बिजली के लिए सब्सिडी के लिए बजट में प्रावधान करना चाहिए था।
पंजाब सरकार की ओर से पेश किए बजट में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के लिए 7614 करोड़, खेतीबाड़ी सेक्टर के लिए 9992 करोड़ और इंडस्ट्री के लिए 3426 करोड़ की बिजली सब्सिडी रखी है। इस तरह कुल 21,032 करोड़ की बिजली सब्सिडी का बजट रखा गया है। बजट में पावरकॉम का सरकार की तरफ 7823 करोड़ के बकाया के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसमें 2024-25 की 5500 करोड़ की बिजली सब्सिडी के अलावा पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों के पेंडिंग बिजली बिलों का 2323 करोड़ भी शामिल है।
5500 करोड़ की सब्सिडी के बकाया का जल्द चाहिए
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल ने कहा कि बिजली सब्सिडी के लिए कम बजट रखा गया है। पंजाब में जल्द बिजली के रेट भी बढ़ सकते हैं। सरकार को इसे ध्यान में रखते बजट रखना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि खास तौर से 5500 करोड़ की बिजली सब्सिडी के बकाया का जल्द भुगतान होना चाहिए। क्योंकि इन दिनों गर्मी के सीजन के लिए बिजली लाइनों की मरम्मत का काम चल रहा है। मरम्मत के लिए जरूरी सामान की खरीद व ठेकेदारों के भुगतान में पावरकॉम को आर्थिक दिक्कतें पेश आ रही हैं। यही नहीं गर्मी के पीक सीजन में बाहर से बिजली खरीदने में भी पावरकॉम को समस्या होगी। इंजीनियर अजयपाल ने कहा कि विभागों के करोड़ों रुपये के पेंडिंग बिजली बिलों के भुगतान के लिए सीएम से लेकर वित्त मंत्री तक को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं होता है।
महंगे ब्याज पर ऋण लेना पड़ेगा
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता का कहना है कि पेंडिंग बिजली सब्सिडी व सरकारी विभागों के बिजली बिलों का भुगतान जल्द न हुआ तो पावरकॉम को गर्मी में बिजली खरीद से लेकर बाकी तैयारियों के लिए महंगे ब्याज पर ऋण लेना पड़ेगा। इसका बोझ आगे जाकर खपतकारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही मुफ्त बिजली सुविधा जारी रखे लेकिन अगर पर्याप्त सब्सिडी का समय से भुगतान नहीं करेगी तो पावरकॉम खत्म हो जाएगा।