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एनआरआई की करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप में कानूनगो काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Thu, 04 Jun 2015 10:28 PM IST
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विजिलेंस ब्यूरो ने एक एनआरआई की करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश के आरोप
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में कानूनगो (तत्कालीन राजस्व पटवारी) सोहन सिंह को काबू किया है।
आरोपी ने इंग्लैंड में रहते एनआरआई के प्लॉट का इंतकाल तहसीलदार सेे धोखे से मंजूर करवा लिया था। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में पटवारी से कानूनगो की तरक्की भी हासिल कर ली थी। आरोपी के खिलाफ पंजाब में काले दौर में थाना मेहना में आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में भी केस दर्ज हुआ था।
डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार ने बताया कि पटवार हलका मोगा महिला सिंह-1 में चार वर्ष पहले तैनात राजस्व पटवारी सोहन सिंह ने एनआरआई सुखमंदर सिंह के करोड़ों की कीमत के प्लॉट को हड़पने की नीयत से इसकी बिना रजिस्टरी इंतकाल में फर्जी नंबर डाल कर तहसीलदार से धोखे से जसपाल सिंह के पक्ष में मंजूर करवा लिया। उन्हाेंने बताया कि जांच के दौरान बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना है।
उन्हाेंने बताया कि आरोपी सोहन सिंह ने इंतकाल नंबर 66264 (मोगा महिला सिंह -1) 24 सितंबर 2010 को दर्ज किया। हलका कानूनगो गुरमेल सिंह ने 28 सितंबर 2010 को इंतकाल सही पाया और हलका राजस्व अफसर से 7 अक्तूबर 2010 को मंजूर करवा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने इंतकाल में रजिस्ट्री का लड़ी नंबर 38 और तारीख 5 अक्तूूबर 2010 दर्ज की, लेकिन जल्दी में इंतकाल दर्ज करने की तारीख 24 सितंबर 2010 दर्ज कर दी थी।
इस मामले में नामजद एक अन्य आरोपी कानूनगो गुरमेल सिंह की अग्रिम जमानत के लिए दायर अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। इसके अलावा कुलदीप सिंह निवासी कोठे पत्ती मोहब्बत भी मामले में नामजद आरोपी है। उधर, डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल ने सोहन सिंह के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर उपमंडल मजिस्ट्रेट निहाल सिंह वाला ज्योति बाला मट्टू को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
फोटो कैप्शन -
मोगा में एनआरआई की जमीन हड़पने के मामले में जानकारी देते डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार।
आरोपी ने इंग्लैंड में रहते एनआरआई के प्लॉट का इंतकाल तहसीलदार सेे धोखे से मंजूर करवा लिया था। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में पटवारी से कानूनगो की तरक्की भी हासिल कर ली थी। आरोपी के खिलाफ पंजाब में काले दौर में थाना मेहना में आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में भी केस दर्ज हुआ था।
डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार ने बताया कि पटवार हलका मोगा महिला सिंह-1 में चार वर्ष पहले तैनात राजस्व पटवारी सोहन सिंह ने एनआरआई सुखमंदर सिंह के करोड़ों की कीमत के प्लॉट को हड़पने की नीयत से इसकी बिना रजिस्टरी इंतकाल में फर्जी नंबर डाल कर तहसीलदार से धोखे से जसपाल सिंह के पक्ष में मंजूर करवा लिया। उन्हाेंने बताया कि जांच के दौरान बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना है।
उन्हाेंने बताया कि आरोपी सोहन सिंह ने इंतकाल नंबर 66264 (मोगा महिला सिंह -1) 24 सितंबर 2010 को दर्ज किया। हलका कानूनगो गुरमेल सिंह ने 28 सितंबर 2010 को इंतकाल सही पाया और हलका राजस्व अफसर से 7 अक्तूबर 2010 को मंजूर करवा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने इंतकाल में रजिस्ट्री का लड़ी नंबर 38 और तारीख 5 अक्तूूबर 2010 दर्ज की, लेकिन जल्दी में इंतकाल दर्ज करने की तारीख 24 सितंबर 2010 दर्ज कर दी थी।
इस मामले में नामजद एक अन्य आरोपी कानूनगो गुरमेल सिंह की अग्रिम जमानत के लिए दायर अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। इसके अलावा कुलदीप सिंह निवासी कोठे पत्ती मोहब्बत भी मामले में नामजद आरोपी है। उधर, डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल ने सोहन सिंह के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर उपमंडल मजिस्ट्रेट निहाल सिंह वाला ज्योति बाला मट्टू को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
फोटो कैप्शन -
मोगा में एनआरआई की जमीन हड़पने के मामले में जानकारी देते डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार।