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करोड़ों की धोखाधड़ी में पिता-पुत्र काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Tue, 09 Jun 2015 10:11 PM IST
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अबोहर के अलावा बठिंडा और मानसा में अधिक ब्याज देने के नाम पर धोखाधड़ी करके लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी मारने के आरोप में नगर थाना पुलिस ने एक युवक को काबू कर लिया। उसके पिता को पहले ही काबू किया जा चुका है और पत्नी की तलाश जारी है।
डीएसपी गुरभेज सिंह और थाना नंबर 1 के प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि बठिंडा निवासी रणवीर सिंह पुत्र मंजीत सिंह ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर दो कंपनियां बनाईं। इसमें सोजस ट्रेडिंग कंपनी रणवीर के नाम है जबकि सतगुरु इंवेसमेंट कंपनी अपनी पत्नी हरजीत कौर के नाम से शुरू की।
इसके माध्यम से इन्होंने लोगों को भारी ब्याज देने का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये की रकम एकत्रित की, जो इन्हाेंने अपने बैंक खातों के अलावा कुछ ब्रोकरों के पास भी जमा करवाई। पैसों की जमा अवधि पूरी होने पर जब इन्होंने जमाकर्ताओं के पैसे वापस नहीं किए तो अबोहर के गांव बहावलवासी निवासी अमदीप सिंह व हरीश बजाज ने इनके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। इसकी जांच डीएसपी वीरचंद ने की।
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जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने रणवीर सिंह पुत्र मंजीत सिंह व मंजीत सिंह सहित उसकी पत्नी हरजीत कौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मंजीत सिंह को पहले ही काबू कर लिया। जबकि मुख्य दोषी रणवीर सिंह को गत दिवस अबोहर से ही काबू किया गया। वहीं उसकी पत्नी की तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि इन दोनों पिता-पुत्रों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन्हाेंने पंजाब के कई अन्य शहरों से लोगों के साथ करीब 50 लाख रुपये की ठगी मारी है। अदालत ने इन्हें भगोड़ा घोषित किया हुआ है।
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डीएसपी गुरभेज सिंह और थाना नंबर 1 के प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि बठिंडा निवासी रणवीर सिंह पुत्र मंजीत सिंह ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर दो कंपनियां बनाईं। इसमें सोजस ट्रेडिंग कंपनी रणवीर के नाम है जबकि सतगुरु इंवेसमेंट कंपनी अपनी पत्नी हरजीत कौर के नाम से शुरू की।
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इसके माध्यम से इन्होंने लोगों को भारी ब्याज देने का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये की रकम एकत्रित की, जो इन्हाेंने अपने बैंक खातों के अलावा कुछ ब्रोकरों के पास भी जमा करवाई। पैसों की जमा अवधि पूरी होने पर जब इन्होंने जमाकर्ताओं के पैसे वापस नहीं किए तो अबोहर के गांव बहावलवासी निवासी अमदीप सिंह व हरीश बजाज ने इनके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। इसकी जांच डीएसपी वीरचंद ने की।
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जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने रणवीर सिंह पुत्र मंजीत सिंह व मंजीत सिंह सहित उसकी पत्नी हरजीत कौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मंजीत सिंह को पहले ही काबू कर लिया। जबकि मुख्य दोषी रणवीर सिंह को गत दिवस अबोहर से ही काबू किया गया। वहीं उसकी पत्नी की तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि इन दोनों पिता-पुत्रों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन्हाेंने पंजाब के कई अन्य शहरों से लोगों के साथ करीब 50 लाख रुपये की ठगी मारी है। अदालत ने इन्हें भगोड़ा घोषित किया हुआ है।