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ससुर की हत्या में फंसी बहू व उसका साथी बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:50 PM IST
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ससुर की हत्या के केस में आरोपी बहू व उसके साथी को पटियाला की अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों के खिलाफ समाना पुलिस ने वर्ष 2012 में हत्या का केस दर्ज किया था।
पटियाला के एडिशनल सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत में बहू हरविंदर कौर के बचाव के लिए वकील बरजिंदर सिंह सोढ़ी पेश हुए। उसके साथी परमिंदर सिंह की तरफ से वकील बलवंत सिंह जंडू ने जिरह की।
केस फाइल के मुताबिक गांव घंगरौली के रहने वाले 52 साल के गुरजंट सिंह 15 नवंबर 2011 को लापता हो गए थे। गुमशुदगी के बारे में भाई सरबंच सिंह ने थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी।
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इसी बीच उसने दोबारा से 18 मई 2012 को पुलिस के पास शिकायत की कि उसने लापता गुरजंट सिंह की बहू हरविंदर कौर व उसके साथी परमिंदर सिंह को आपस में बातें करते सुना है कि उन्होंने मिलकर गुरजंट सिंह की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है।
मामले में बाबू सिंह व अमरीक सिंह ने भी गवाही दी कि उन्होंने गुरजंट सिंह व परमिंदर सिंह को नहर पर आपस में झगड़ते देखा था। इस पर सदर समाना पुलिस ने बहू व उसके साथी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
केस की सुनवाई के दौरानअदालत ने सबूतों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के सामने दलील दी कि मरने वाले गुरजंट सिंह की जमीन को हासिल करने के लिए उसका भाई जानबूझ कर इस केस में उसकी बहू को फंसा रहा है क्योंकि बेटे की मौत हो चुकी है और उनके कोई औलाद नहीं है। ऐसे में बहू को जमीन न मिले इसलिए यह सब साजिश रची गई है।
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पटियाला के एडिशनल सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत में बहू हरविंदर कौर के बचाव के लिए वकील बरजिंदर सिंह सोढ़ी पेश हुए। उसके साथी परमिंदर सिंह की तरफ से वकील बलवंत सिंह जंडू ने जिरह की।
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केस फाइल के मुताबिक गांव घंगरौली के रहने वाले 52 साल के गुरजंट सिंह 15 नवंबर 2011 को लापता हो गए थे। गुमशुदगी के बारे में भाई सरबंच सिंह ने थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी।
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इसी बीच उसने दोबारा से 18 मई 2012 को पुलिस के पास शिकायत की कि उसने लापता गुरजंट सिंह की बहू हरविंदर कौर व उसके साथी परमिंदर सिंह को आपस में बातें करते सुना है कि उन्होंने मिलकर गुरजंट सिंह की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है।
मामले में बाबू सिंह व अमरीक सिंह ने भी गवाही दी कि उन्होंने गुरजंट सिंह व परमिंदर सिंह को नहर पर आपस में झगड़ते देखा था। इस पर सदर समाना पुलिस ने बहू व उसके साथी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
केस की सुनवाई के दौरानअदालत ने सबूतों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के सामने दलील दी कि मरने वाले गुरजंट सिंह की जमीन को हासिल करने के लिए उसका भाई जानबूझ कर इस केस में उसकी बहू को फंसा रहा है क्योंकि बेटे की मौत हो चुकी है और उनके कोई औलाद नहीं है। ऐसे में बहू को जमीन न मिले इसलिए यह सब साजिश रची गई है।