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कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने लगाया फंदा
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
Updated Mon, 26 Oct 2015 10:26 PM IST
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जिले के गांव रायधराना के एक किसान ने कर्ज के बोझ से परेशान होकर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के मुताबिक गांव रायधराना के पैंतीस वर्षीय किसान तरसेम सिंह के पास महज एक एकड़ जमीन थी और वह दस एकड़ जमीन ठेके पर लेकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
पहले उसकी चार एकड़ में लगी नरमे की फसल को सफेद मक्खी के कहर ने बर्बाद कर दिया। इसका उसे सरकार की तरफ से नाममात्र मुआवजा मिला जिससे उसकी जमीन के ठेके की रकम और नरमे पर की स्प्रे तथा बीज पर हुआ खर्च भी पूरा न हो पाया।
बाकी सात एकड़ में लगाए धान के भाव गिरने की वजह से वह आढ़तियों तथा सभा सोसाइटियों से लिया कर्ज नहीं लौटा पाया। इसी हालातों के चलते उसने गले में फंदा डालकर अपनी जान दे दी।
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पहले उसकी चार एकड़ में लगी नरमे की फसल को सफेद मक्खी के कहर ने बर्बाद कर दिया। इसका उसे सरकार की तरफ से नाममात्र मुआवजा मिला जिससे उसकी जमीन के ठेके की रकम और नरमे पर की स्प्रे तथा बीज पर हुआ खर्च भी पूरा न हो पाया।
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बाकी सात एकड़ में लगाए धान के भाव गिरने की वजह से वह आढ़तियों तथा सभा सोसाइटियों से लिया कर्ज नहीं लौटा पाया। इसी हालातों के चलते उसने गले में फंदा डालकर अपनी जान दे दी।
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