{"_id":"5774f6124f1c1bd26b79b0ae","slug":"case-on-bank-employee-crime-central-cooprative-bank-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक का जूनियर सहायक नामजद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक का जूनियर सहायक नामजद
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Thu, 30 Jun 2016 10:37 PM IST
विज्ञापन
police
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ब्यूरो ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हेडऑफिस पटियाला के सहायक मैनेजर पर जाली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रविंदर सिंह ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हेड ऑफिस पटियाला के जूनियर सहायक अमनदीप सिंह ने जाली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाई है। जांच की तो सामने आया कि साल 1999 में तरस के आधार पर अमनदीप सिंह ने बैंक में जूनियर क्लर्क की नौकरी हासिल की थी।
जूनियर क्लर्क भर्ती होने के लिए तय शर्तों के मुताबिक कम से कम बीए पास होना जरूरी था। अमनदीप सिंह ने बतौर जूनियर क्लर्क भर्ती होने के लिए बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी (उत्तरप्रदेश) से बीए के सर्टिफिकेट हासिल करके नौकरी हासिल कर ली। जांच के दौरान बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी (यूपी) से वेरिफिकेशन करने पर पाया गया कि जूनियर क्लर्क अमनदीप सिंह ने भर्ती होते समय साल 1999 में जो सर्टिफिकेट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक को दिए थे वह जाली थे।
विज्ञापन
अमनदीप सिंह की ओर से की गई इस धोखाधड़ी के कारण थाना विजिलेंस ब्यूरो पटियाला में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न जगहों पर छापामारी की जा रही है।
विज्ञापन
मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रविंदर सिंह ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हेड ऑफिस पटियाला के जूनियर सहायक अमनदीप सिंह ने जाली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाई है। जांच की तो सामने आया कि साल 1999 में तरस के आधार पर अमनदीप सिंह ने बैंक में जूनियर क्लर्क की नौकरी हासिल की थी।
विज्ञापन
जूनियर क्लर्क भर्ती होने के लिए तय शर्तों के मुताबिक कम से कम बीए पास होना जरूरी था। अमनदीप सिंह ने बतौर जूनियर क्लर्क भर्ती होने के लिए बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी (उत्तरप्रदेश) से बीए के सर्टिफिकेट हासिल करके नौकरी हासिल कर ली। जांच के दौरान बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी (यूपी) से वेरिफिकेशन करने पर पाया गया कि जूनियर क्लर्क अमनदीप सिंह ने भर्ती होते समय साल 1999 में जो सर्टिफिकेट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक को दिए थे वह जाली थे।
विज्ञापन
अमनदीप सिंह की ओर से की गई इस धोखाधड़ी के कारण थाना विजिलेंस ब्यूरो पटियाला में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न जगहों पर छापामारी की जा रही है।