Punjab: पांच दिन की बच्ची... तीन लाख में सौदा, सरकारी अस्पताल की महिला कर्मी चला रही थी रैकेट, तीन गिरफ्तार
पांच दिन की नवजात बच्ची को बेचने जा रही सरकारी अस्पताल की महिला कर्मी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला की गिरफ्तारी से बच्चों की खरीद फरोख्त गिरोह का खुलासा हुआ है।
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पंजाब के पटियाला में बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शंभू थाना पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक 5 दिन की नवजात बच्ची बरामद की गई है, जिसे तीन लाख रुपये में बेचने के लिए लाया गया था।
मामले के जांच अधिकारी एएसआई भान सिंह के मुताबिक मौके से पकड़ी आरोपी महिला संगरूर के सरकारी अस्पताल में अटेंडेंट है। जबकि बाकी के दो आरोपी भी मानसा के ही प्राइवेट अस्पताल में मुलाजिम हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए आने वाली गरीब व जरूरतमंद महिलाओं की पहचान करके उनसे नवजात शिशु आगे बेचने के लिए खरीद लेती थी। बाद में शिशु को अपने साथियों के साथ मिलकर आगे लाखों रुपये में बेच देती थी। आरोपियों की पहचान कुलदीप कौर निवासी गांव मीरहेड़ी जिला संगरूर, सन्नी मेहता निवासी गुरुद्वारे वाली गली वार्ड नंबर 3 मानसा और वकील सिंह निवासी गांव अका वाली जिला मानसा के तौर पर हुई है।
जांच अधिकारी एएसआई भान सिंह ने बताया कि वह पुलिस टीम के साथ गश्त के संबंध में घन्नौर मोड़ शंभू खुर्द मौजूद थे। इसी दौरान सूचना मिली कि एक महिला समेत तीन आरोपी नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। वे एक बच्ची को किसी से खरीद कर आगे एक पार्टी को बेचने के लिए स्लिप रोड अंबाला से राजपुरा के नजदीक सरताज ढाबा के पास खड़े हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने रेड करके तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार करके उनके पास से एक पांच दिन की नवजात बच्ची को भी बरामद कर लिया।
पहले आंगनबाड़ी वर्कर थी आरोपी महिला
एएसआई ने बताया कि आरोपी महिला कुलदीप कौर पहले आंगनबाड़ी वर्कर थी। अब वह संगरूर के सिविल अस्पताल में अटेंडेंट है। वह अस्पताल में डिलीवरी के लिए आने वाली गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके नवजात शिशु ले लेती थी। बाद में अपने बाकी के दो साथियों के साथ मिलकर इन शिशुओं को लाखों रुपये में आगे बेच देती थी।
बच्ची को पालने में असमर्थ थी मां
पुलिस के मुताबिक मौके से बरामद बच्ची को भी आरोपी कुलदीप कौर उसके अस्पताल में डिलीवरी कराने आई बुढलाड़ा निवासी महिला से लाई थी। बच्ची की मां के पहले दो तलाक हो चुके हैं। तीसरे पति के साथ भी विवाद चल रहा है और अब बच्ची को पालने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके चलते महिला ने अपनी बच्ची को कुलदीप कौर को दे दिया। इस बच्ची को आरोपियों ने तीन लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था।
जरूरतमंद दंपती को दी जानी थी बच्ची
आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि बच्ची किसी जरूरतमंद दंपती को दी जानी थी, जिनके बेटे की मौत हो गई थी। अब ज्यादा उम्र होने के चलते उनके संतान नहीं हो पा रही थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों के इस कबूलनामे की पूरी तरह से जांच की जाएगी। पता लगाया जा रहा है कि बच्ची को तीन लाख रुपये में लेने वाला यह दंपती कहां का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इससे पहले और कितने नवजात शिशुओं को जरूरतमंदों से खरीद कर आगे बेचा है इसका भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों का अदालत से तीन दिनों का रिमांड हासिल किया गया है।