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‘दिहाड़ीदार रेगुलर हों और रुकी तनख्वाहें जारी की जाएं’
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:28 PM IST
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पटियाला में मांगों को लेकर जनरल इजलास करते पशुपालन विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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दि क्लास फोर्थ गर्वनमेंट इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले पशुपालन विभाग के मुलाजिमों ने मांगों को लेकर विभाग के नए बने कांप्लेक्स रौणी फार्म में जनरल इजलास किया। इस मौके पर सालों से काम कर रहे दिहाड़ीदारों को रेगुलर करने, कच्चे कर्मचारियों को रूकी तनख्वाहें रिलीज करने, पशुओं की ओर से घायल किए जाने वाले कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा देने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
इस मौके पर मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, मोहन सिंह नेगी, जगमोहन सिंह नौलखा ने कहा कि कर्मचारियों को सस्ती कीमतों पर दूध दिया जाता था। इसे अफसरशाही ने बंद कर दिया है, लेकिन अधिकारी खुद सस्ता दूध ले रहे हैं। यह मामला संबंधित मंत्री व सरकार के कई बार नोटिस में लाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले करीब 15 सालों से लगातार काम कर रहे दिहाड़ीदार कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए।
पशुपालन के फीड फार्म में काम कर रहे कर्मचारियों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाए। कच्चे मुलाजिमों को कई महीनों से सैलरियां नहीं मिली हैं, तुरंत रिलीज की जाएं। पशुओं द्वारा घायल किए जाने वाले कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा दी जाए। पशु अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में कर्मचारियों की भर्ती की जाए। मुलाजिमों को वर्दियां दी जाएं और रुकी पदोन्नितयां की जाएं।
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इस मौके पर मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, मोहन सिंह नेगी, जगमोहन सिंह नौलखा ने कहा कि कर्मचारियों को सस्ती कीमतों पर दूध दिया जाता था। इसे अफसरशाही ने बंद कर दिया है, लेकिन अधिकारी खुद सस्ता दूध ले रहे हैं। यह मामला संबंधित मंत्री व सरकार के कई बार नोटिस में लाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले करीब 15 सालों से लगातार काम कर रहे दिहाड़ीदार कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए।
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पशुपालन के फीड फार्म में काम कर रहे कर्मचारियों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाए। कच्चे मुलाजिमों को कई महीनों से सैलरियां नहीं मिली हैं, तुरंत रिलीज की जाएं। पशुओं द्वारा घायल किए जाने वाले कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा दी जाए। पशु अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में कर्मचारियों की भर्ती की जाए। मुलाजिमों को वर्दियां दी जाएं और रुकी पदोन्नितयां की जाएं।
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