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प्रशासन ने चौकसी बढ़ाई, पलायन जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Tue, 21 Jul 2015 10:09 PM IST
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सतलुज दरिया में पानी का स्तर बढ़ने के साथ आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। धुस्सी बांध के अंदर बसे कई गांव पानी में घिर जाने कारण यहां के लोगों का सुरक्षित स्थानों पर जाना जारी है। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने दरिया में पानी घटने का दावा किया है। वहीं गांव वाले लगातार पानी बढ़ने की बात कह रहे हैं।
इस बारे एसडीएम धर्मकोट हरदीप सिंह धालीवाल ने दावा किया कि पानी का स्तर कम कर 15 हजार क्यूसेक रह गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने रोपड़ हेड वक्र्स से पानी कम करने के लिए तालमेल किया हुआ है। उन्होंने बताया कि एक दर्जन गांवों की तकरीबन 3 हजार एकड़ फसल डूबी है।
पानी का स्तर घटने बाद इस फसल का जायजा लिया जाएगा। फसल खराब हुई होगी तो सरकार को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष टीम ने बांध का दौरा कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है।
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इस रिपोर्ट के अनुसार गांव संघेड़ा में 630 एकड़, गांव मंदर की 700 एकड़, गांव बोघेवाला 630 एकड़, मेलक कंगा 98 एकड़, गांव बंडाला में 120 एकड़, गांव भैनी की 100 एकड़ और गांव मदारपुर की 120 एकड़ में बीजी धान की फसल, मक्का, बांसमती, गन्ना, चारे आदि फसल डूबी है।
उधर, गांव संघेड़ा के सरपंच सरूप सिंह ने बताया कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बांध से चक्कर मार कर वापस चले जाते हैं लेकिन उनकी कोई समस्या नहीं सुनी जा रही। गांव के मलकीत सिंह ने बताया कि वह रात जाग कर काट रहे हैं।
जिले की धर्मकोट सब डिवीजन के अंतर्गत सतलुज दरिया में पानी बढ़ने कारण धुस्सी बांध अंदर बसे गांवों कांबो खुर्द, मेहरूवाला, संघेड़ा और परोलीवाला, गांव शेरपुर तायबा, भैनी, शेरेवाला, दौलेवाला, फतेहपुर झुग्गिया के लोग चिंता में हैं। यहां के काफी लोग घर छोड़कर चले गए हैं। गांवों मौजूद लोग पानी का बहाव तेज होने के कारण घबराहट में हैं।
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इस बारे एसडीएम धर्मकोट हरदीप सिंह धालीवाल ने दावा किया कि पानी का स्तर कम कर 15 हजार क्यूसेक रह गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने रोपड़ हेड वक्र्स से पानी कम करने के लिए तालमेल किया हुआ है। उन्होंने बताया कि एक दर्जन गांवों की तकरीबन 3 हजार एकड़ फसल डूबी है।
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पानी का स्तर घटने बाद इस फसल का जायजा लिया जाएगा। फसल खराब हुई होगी तो सरकार को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष टीम ने बांध का दौरा कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है।
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इस रिपोर्ट के अनुसार गांव संघेड़ा में 630 एकड़, गांव मंदर की 700 एकड़, गांव बोघेवाला 630 एकड़, मेलक कंगा 98 एकड़, गांव बंडाला में 120 एकड़, गांव भैनी की 100 एकड़ और गांव मदारपुर की 120 एकड़ में बीजी धान की फसल, मक्का, बांसमती, गन्ना, चारे आदि फसल डूबी है।
उधर, गांव संघेड़ा के सरपंच सरूप सिंह ने बताया कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बांध से चक्कर मार कर वापस चले जाते हैं लेकिन उनकी कोई समस्या नहीं सुनी जा रही। गांव के मलकीत सिंह ने बताया कि वह रात जाग कर काट रहे हैं।
जिले की धर्मकोट सब डिवीजन के अंतर्गत सतलुज दरिया में पानी बढ़ने कारण धुस्सी बांध अंदर बसे गांवों कांबो खुर्द, मेहरूवाला, संघेड़ा और परोलीवाला, गांव शेरपुर तायबा, भैनी, शेरेवाला, दौलेवाला, फतेहपुर झुग्गिया के लोग चिंता में हैं। यहां के काफी लोग घर छोड़कर चले गए हैं। गांवों मौजूद लोग पानी का बहाव तेज होने के कारण घबराहट में हैं।